देश की खबरें | बाबरी विध्वंस प्रकरण : तकनीकी खराबी की वजह से नहीं दर्ज हो सका शिवसेना नेता का बयान

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लखनऊ, 15 जुलाई बाबरी विध्वंस मामले की सुनवाई कर रही विशेष सीबीआई अदालत में बुधवार को एक अभियुक्त, शिवसेना नेता सतीश प्रधान का बयान तकनीकी खराबी के कारण दर्ज नहीं हो सका।

अदालत ने प्रधान का बयान दर्ज करने के लिये आज की तारीख तय की थी मगर अदालत का वीडियो कांफ्रेंस सिस्टम प्रधान के मोबाइल फोन और लैपटॉप से कनेक्ट नहीं हो सका। यह सिस्टम लगाने वाली एजेंसी ने अदालत को बताया कि वह किसी दूसरे लैपटॉप, कम्प्यूटर या मोबाइल फोन से कनेक्ट करने का काम आगामी 17 जुलाई तक कर पायेगी।

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इस पर विशेष न्यायाधीश एस.के. यादव ने प्रधान का बयान दर्ज करने की तारीख 22 जुलाई नियत की।

अदालत ने आदेश में कहा कि पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी और पूर्व केन्द्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी के बयान बाद की तारीखों में दर्ज किये जाएंगे।

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इस बीच, अदालत ने अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से, इसी मामले के एक अन्य अभियुक्त संतोष दुबे को पर्याप्त सुरक्षा देने के निर्देश दिये, ताकि वह बृहस्पतिवार को लखनऊ आकर अपना बयान दर्ज करा सकें।

दुबे के वकील के.के. मिश्रा ने बुधवार को अदालत में एक अर्जी देकर कहा था कि दुबे गत 13 जुलाई को अदालत की कार्यवाही में हिस्सा लेने के लिये आये थे और लौटते वक्त एक अज्ञात ट्रैक्टर से किसी ने उनका पीछा किया और करीब छह—सात बार खतरनाक तरीके से ओवरटेक किया। मिश्रा के अनुसार, दुबे को धमकी भी मिल चुकी है, लिहाजा उन्हें अदालत आने—जाने के दौरान पर्याप्त सुरक्षा दी जाए।

विशेष सीबीआई अदालत उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार बाबरी विध्वंस मामले की रोजाना सुनवाई कर रही है। इन दिनों इस प्रकरण के अभियुक्तों के बयान दर्ज किये जा रहे हैं।

अयोध्या में छह दिसम्बर 1992 को कारसेवकों ने बाबरी मस्जिद को ढहा दिया था। उनका विश्वास था कि उस जगह पर राम मंदिर को ढहाकर मस्जिद बनवायी गयी थी।

सं. सलीम

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