देश की खबरें | आयुष्मान भारत-स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों को राज्यों द्वारा बदला नहीं जा सकता: मांडविया

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पटियाला/नयी दिल्ली, पांच मार्च केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने रविवार को कहा कि केंद्र सरकार के प्रमुख कार्यक्रम आयुष्मान भारत - स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों को राज्य सरकारों द्वारा किसी अन्य योजना में परिवर्तित नहीं किया जा सकता।

इससे पहले, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा था कि पंजाब सरकार आयुष्मान भारत स्वास्थ्य और आरोग्य केंद्रों को मोहल्ला क्लीनिक में परिवर्तित कर रही है जो आम आदमी पार्टी (आप) की एक पसंदीदा परियोजना है। मंत्रालय ने योजना के लिए दी जाने वाली राशि को रोकने की चेतावनी दी थी।

आयुष्मान भारत स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्र (एबी-एचडब्ल्यूसी) में केंद्र और राज्य के बीच सहयोग का अनुपात 60:40 है।

मांडविया रविवार को पटियाला के दौरे पर थे, इस दौरान उन्होंने यहां एक ‘नीट-पीजी’ परीक्षा केंद्र का औचक निरीक्षण करके सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अभ्यर्थियों के अभिभावकों से बातचीत भी की।

मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि ऐसा पहली बार हुआ कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने एक परीक्षा के दौरान राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान परीक्षा बोर्ड (एनबीईएमएस) के परीक्षा केंद्र का दौरा किया।

मांडविया ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘पटियाला, पंजाब में नीट-पीजी परीक्षा केंद्र का दौरा किया और व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान छात्रों के परिजनों से भी मुलाक़ात की। परीक्षा केंद्र पर की गई व्यवस्था से वो संतुष्ट व प्रसन्न दिखाई दिये। छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी व्यक्त की।’’

मांडविया ने पटियाला में माँ काली देवी मंदिर में प्रार्थना की और गुरुद्वारा श्री दुखनिवारण साहिब में मत्था टेका।

बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मांडविया ने स्पष्ट किया कि केंद्र ने केवल स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) अनुदान जारी किया है और इस योजना को राज्य सरकार द्वारा परिवर्तित नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि कोई राज्य इस योजना को बंद कर सकता है लेकिन इसे परिवर्तित नहीं कर सकता।

मांडविया ने कहा कि राज्य सरकारें अपने दम पर स्वास्थ्य के किसी भी मॉडल को बढ़ावा दे सकती हैं, लेकिन केंद्रीय अनुदान किसी अन्य राज्य योजना पर खर्च नहीं किया जा सकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र योजना को परिवर्तित नहीं किया जा सकता। यदि कोई राज्य इसे अपनाना नहीं चाहता है, तो वह इसे रोक सकता है, यह एक दूसरा मुद्दा है लेकिन इसे परिवर्तित नहीं किया जा सकता।’’

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, "...मुद्दा केवल इतना था कि इसे परिवर्तित नहीं किया जाना चाहिए और आज मुझे बताया गया कि वे (पंजाब सरकार) स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र चलाएंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम सहकारी संघवाद में विश्वास करते हैं। हम सभी राज्य सरकारों की हर तरह से मदद कर रहे हैं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन सी पार्टी किस राज्य में शासन करती है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कहा है कि स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र चलाए जाने चाहिए और यदि वे चलते हैं, तो स्वाभाविक रूप से हमारा अनुदान जारी रहेगा...स्वास्थ्य राजनीति का मुद्दा नहीं होना चाहिए, यह नागरिकों से जुड़ा हुआ है।’’

पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने कहा कि मांडविया के साथ राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र से संबंधित विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय मंत्री ने ''पंजाब में आप द्वारा लागू किए जा रहे समग्र स्वास्थ्य मॉडल की सराहना की।’’

सिंह ने कहा, ‘‘उन्हें (मांडविया) सह-ब्रांडिंग (कल्याण केंद्र के मुद्दे से संबंधित) से संबंधित कुछ चिंताएं थीं, जिन्हें हमने दूर किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि धनराशि तुरंत जारी की जाएगी।’’

मांडविया ने कहा कि राज्य के सभी जिलों के लिए ‘क्रिटिकल केयर यूनिट’ प्रदान की जाएंगी और इस संबंध में राज्य द्वारा केंद्र को एक प्रस्ताव भेजा जाएगा।

पिछले महीने, पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत, 1,114 करोड़ रुपये में से – केंद्र को 60:40 के अनुपात में पंजाब को प्रदान करना था – 668 करोड़ रुपये के मुकाबले केवल 438 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।

उन्होंने कहा था कि राज्य सरकार को 445 करोड़ रुपये खर्च करने थे, जिसमें 618 करोड़ रुपये खर्च किए गए। सिंह ने आरोप लगाया था कि जब केंद्र को 'आम आदमी क्लीनिक' से 'कुछ नहीं मिला' तो उसने इसकी ‘ब्रांडिंग’ पर सवाल उठाना शुरू कर दिया।

मांडविया ने शनिवार को पटियाला के अपने दौरे के दौरान शहर के सरकारी अस्पताल राजिंदर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी ढांचे की समीक्षा भी की।

उन्होंने अस्पताल की सुविधाओं का निरीक्षण किया और क्षेत्र की स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों और जरूरतों के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए अस्पताल प्रशासन और चिकित्सा कर्मचारियों के साथ चर्चा की।

बलबीर सिंह ने पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी ढांचे के उन्नयन के संबंध में मांगों का एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि दोनों मंत्रियों ने पंजाब में स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता और पहुंच में सुधार के तरीकों पर चर्चा की। बयान के अनुसार केंद्रीय मंत्री का पटियाला दौरा देशभर में स्वास्थ्य सुविधाओं के आकलन और सुधार के सरकार के प्रयासों का एक हिस्सा है।

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