नयी दिल्ली, 31 जुलाई सरकार ने सोमवार को राज्यसभा में कहा कि जनसंख्या में वृद्धि सहित विभिन्न वजहों से कई क्षेत्रों में जल की उपलब्धता कम है जिससे जल तनाव या दुर्लभ स्थिति पैदा हो सकती है।
जल शक्ति राज्य मंत्री बिश्वेश्वर टुडु ने कहा कि किसी भी क्षेत्र या देश की औसत वार्षिक जल उपलब्धता मुख्य रूप से जल मौसम विज्ञान और भूवैज्ञानिक कारकों पर निर्भर करती है, हालांकि प्रति व्यक्ति पानी की उपलब्धता देश की जनसंख्या पर निर्भर करती है और जनसंख्या में वृद्धि के कारण देश में प्रति व्यक्ति पानी की उपलब्धता कम हो रही है।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा वर्षा की उच्च अस्थायी और स्थानिक परिवर्तनशीलता के कारण, देश के कई क्षेत्रों में जल की उपलब्धता कम है और इसके परिणामस्वरूप जल तनाव या दुर्लभ स्थिति पैदा हो सकती है।
उन्होंने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय भूजल बोर्ड (सीजीडब्ल्यूबी) ने अपने क्षेत्रीय कार्यालयों और राज्य एजेंसियों से जानकारी लेते हुए 24 शहरों पर "भारत के चुनिंदा शहरों के लिए भूजल संसाधन बनाम घरेलू जल की मांग और आपूर्ति’’ शीर्षक से एक रिपोर्ट तैयार की है। इन 24 शहरों में दिल्ली, गांधीनगर, अंबाला, फरीदाबाद, गुड़गांव, यमुनानगर, बैंगलुरु, इंदौर, रतलाम, अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, मोहाली, पटियाला, अजमेर, बीकानेर, जैसलमेर, जयपुर, जोधपुर, चेन्नई, वेल्लोर, हैदराबाद, आगरा और गाजियाबाद शामिल हैं।
मंत्री ने कहा, ‘‘जल राज्य का विषय है, इसलिए जल संसाधनों के संवर्धन, संरक्षण और कुशल प्रबंधन के उपाय मुख्य रूप से संबंधित राज्य सरकारों द्वारा किए जाते हैं। राज्य सरकारों के प्रयासों को पूरा करने के लिए, केंद्र सरकार विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करती है।’’
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