देश की खबरें | अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों को अधर में नहीं रख सकते अधिकारी: दिल्ली उच्च न्यायालय
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि अधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र में बनीं कॉलोनियों के निवासियों को “अधर” में नहीं रख सकते।
नयी दिल्ली, 19 मई दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि अधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र में बनीं कॉलोनियों के निवासियों को “अधर” में नहीं रख सकते।
अदालत ने कहा कि इन कॉलोनियों को नियमित किया जानी चाहिए क्योंकि इनके निर्माण पर भारी रकम खर्च हुई है।
अदालत सैनिक फार्म के कुछ निवासियों द्वारा मरम्मत कार्यों के लिए अनुमति मांगने से संबंधित याचिका पर सुनावाई कर रही थी।
उच्च न्यायालय ने कहा कि चाहे समृद्ध हो या गैर-समृद्ध, अनधिकृत कॉलोनियां अंततः अनधिकृत हैं, और अदालतों को नहीं बल्कि सरकार को यह तय करना चाहिए कि उन्हें नियमित किया जाए या नहीं।
मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा, “इन अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करना है या नहीं, इसका फैसला आपको करना है। आप काफी संख्या में मकान मालिकों को अधर में लटका रहे हैं। आपको निर्णय लेना चाहिए। वे निर्माण में भारी मात्रा में पैसा खर्च करते हैं। ये कॉलोनियां रातोंरात नहीं बनीं। वे ठीक आपकी नाक के नीचे बनी हैं।”
अदालत ने निवासियों को यह भी स्पष्ट कर दिया कि वह अनधिकृत कॉलोनियों में मरम्मत के लिए बिल्कुल अनुमति नहीं देगी।
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