देश की खबरें | मुंबई में कोविड-19 के लक्षित समूह की जांच पर दिया जा रहा है ध्यान : अधिकारी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली और मुंबई में संक्रमण दर समान होने के बावजूद नगर निकाय के अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि शहर में कोविड-19 की रोजाना जांच को बढ़ाने की जरूरत नहीं है। राष्ट्रीय राजधानी में संक्रमण के मामलों में तेज बढोतरी के कारण जांच की संख्या बढ़ायी गयी है ।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

मुंबई, 16 नवंबर दिल्ली और मुंबई में संक्रमण दर समान होने के बावजूद नगर निकाय के अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि शहर में कोविड-19 की रोजाना जांच को बढ़ाने की जरूरत नहीं है। राष्ट्रीय राजधानी में संक्रमण के मामलों में तेज बढोतरी के कारण जांच की संख्या बढ़ायी गयी है ।

अधिकारियों ने कहा कि दोनों शहरों में जांच की रणनीति अलग है। उन्होंने उल्लेख किया कि दिल्ली में औचक जांच तरीका को अपनाया जा रहा है वहीं मुंबई में लक्षण वाले लोगों या कोविड-19 के मरीज के संपर्क में आए लोगों की जांच पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

यह भी पढ़े | कोरोना के हिमाचल प्रदेश में पिछले 24 घंटे में 443 नए मामले पाए गए, 8 की मौत: 16 नवंबर 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

उन्होंने कहा कि मुंबई में वर्तमान में रोजाना 1,000 से कम मामले आ रहे हैं जबकि दिल्ली में संक्रमण की तीसरी लहर के दौरान हर दिन 6,000-7000 से ज्यादा मामले आए।

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के अधिकारियों ने बताया कि मुंबई ने अनलॉक की रणनीति को सावधानी के साथ लागू किया और उपनगरीय ट्रेनें भी सबके लिए अभी उपलब्ध नहीं हैं। वहीं, दिल्ली में पाबंदियों में ‘‘उदारता’’ से ढील देने का रुख अपनाया गया।

यह भी पढ़े | BPCL Privatization: बीपीसीएल निजीकरण के लिए मिली 3-4 बोलियां, रिलायंस, अरामको, बीपी, टोटल जैसी कोई बड़ी कंपनी दौड़ में नहीं.

उन्होंने कहा कि दिल्ली में रैपिड एंटीजन जांच ज्यादा की गयी जबकि मुंबई ने आरटी-पीसीआर जांच को ज्यादा तवज्जो दी, जिसके नतीजे आने में देरी तो होती है लेकिन इसे ज्यादा सटीक माना जाता है ।

बीएमसी के अतिरिक्त निगम आयुक्त सुरेश काकानी ने बताया कि हर दिन 10,000 से ज्यादा जांच की जाती है । इसमें भी ज्यादातर आरटी-पीसीआर तरीके से जांच की जाती है । उन्होंने कहा, ‘‘हम शुरुआत से ही औचक जांच की जगह लक्षित समूह की जांच पर ध्यान दे रहे हैं। हम कोविड-19 लक्षण वाले लोगों और वायरस के संपर्क में आने का जिनको ज्यादा खतरा है (जैसे कि स्वास्थ्य कर्मी और परिवहन कर्मचारी) उनकी जांच पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।’’

काकानी ने कहा कि 24 निगम वार्ड में कम से कम 10 निशुल्क जांच केंद्र बनाए गए हैं और लोगों के पास निजी प्रयोगशाला में भी जांच कराने का विकल्प है। मुंबई में कोविड-19 की अब तक 16,85,287 जांच हुई है जबकि दिल्ली में 49,91,585 नमूनों की जांच हो चुकी है।

मुंबई में संक्रमण के अब तक 2,69,130 मामले आए हैं और 10,555 मरीजों की मौत हुई है । दूसरी तरफ दिल्ली में (15 नवंबर तक) 4,85,405 मरीज संक्रमित हुए हैं और 8,900 मरीजों की मौत हुई है।

बीएमसी के मुताबिक प्रति दस लाख आबादी पर मुंबई में 1,29,562 जांच की गयी जबकि दिल्ली में 2,62,715 जांच की गयी। हालांकि, दोनों शहरों में संक्रमण दर 15 प्रतिशत है।

महाराष्ट्र सरकार द्वारा नियुक्त कोविड-19 कार्यबल के एक सदस्य डॉ राहुल पंडित ने कहा कि दिल्ली में हर दिन 21,000 से ज्यादा जांच में 50 प्रतिशत से ज्यादा एंटीजन तरीके से तथा बाकी आरटी-पीसीआर तरीके से जांच की जाती है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\