देश की खबरें | मेघालय में सरकारी दफ्तरों में उपस्थिति कम रही, असम पुलिस ने लोगों को मेघालय नहीं जाने की दी सलाह
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. असम के साथ लगती सीमा पर 22 नवंबर को हुई हिंसा के विरोध में मेघालय में शुक्रवार को विभिन्न संगठनों के असहयोग आंदोलन के आह्वान के चलते सरकारी दफ्तरों में कर्मियों की उपस्थिति ‘बहुत कम’ रही। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
गुवाहाटी/शिलांग, 25 नवंबर असम के साथ लगती सीमा पर 22 नवंबर को हुई हिंसा के विरोध में मेघालय में शुक्रवार को विभिन्न संगठनों के असहयोग आंदोलन के आह्वान के चलते सरकारी दफ्तरों में कर्मियों की उपस्थिति ‘बहुत कम’ रही। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
असम पुलिस के अधिकारियों ने शुक्रवार को नया परामर्श जारी कर अपने नागरिकों को मेघालय की यात्रा नहीं करने की सलाह दी । उन्होंने कहा कि मेघालय में स्थिति ‘बहुत अच्छी नहीं’ है क्योंकि पिछली रात को प्रदर्शन के दौरान पुलिस के कुछ वाहनों को आग लगा दी गई एवं कई लोग घायल हुए।
मेघालय के लोगों के लिए राहत की बात यह रही कि असम पेट्रोलियम मजदूर यूनियन (एपीएमयू) ने पड़ोसी राज्य से टैंकरों एवं संबंधित कर्मियों की सुरक्षा का आश्वासन मिलने के बाद ईंधन की आपूर्ति बहाल करने का फैसला किया। उसने बृहस्पतिवार को ईंधन की आपूर्ति अस्थायी रूप से रोक दी थी।
मंगलवार तड़के अवैध रूप से काटी गई लकड़ियों से लदे एक ट्रक को असम के वन कर्मियों द्वारा रोके जाने के बाद असम-मेघालय सीमा पर मुकरोह गांव में हिंसा हुई थी, जिसमें एक वन रक्षक समेत छह लोगों की मौत हो गई थी।
मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने बृहस्पतिवार को नयी दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भेंट की। शाह ने उन्हें आश्वासन दिया है कि सीमा पर हुई हिंसा की सीबीआई से जांच करायी जाएगी।
प्रभावशाली खासी स्टूडेंट्स यूनियन (केएसयू) और फेडरेशन ऑफ खासी जैंतियां एंड गारो पीपुल समेत मेघालय के कई सामाजिक एवं छात्र संगठनों ने इस घटना के बाद ‘असहयोग आंदोलन’ का ऐलान किया है।
केएसयू महासचिव डोनाल्ड वी थाबाह ने कहा, ‘‘ मुकरोह में असम पुलिस की न्यायेत्तर गोलीबारी में हताहत हुए लोगों के प्रति सम्मान के तौर पर हम केंद्र और राज्य सरकार में कार्यरत अपने भाइयों एवं बहनों से शुक्रवार को कार्यालय नहीं जाकर हमारा समर्थन करने की अपील करते हैं।
अधिकारियों ने कहा कि मेघालय की राजधानी शिलांग में केंद्र और राज्य सरकार के कार्यालयों में कर्मियों की उपस्थिति बहुत कम रही। खासी पहाड़ी एवं जैंतियां पहाड़ी क्षेत्रों के सात जिलों में यही स्थिति है। इन जिलों के अधिकारियों ने पीटीआई- को यह जानकारी दी।
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