देश की खबरें | अलीगढ़ में गोमांस ले जाने के शक में चार युवकों पर हमला शांति के लिए गंभीर खतरा: महमूद मदनी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जमीयत उलेमा-ए-हिंद (एमएम) के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी ने उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में चार लोगों की भीड़ द्वारा बुरी तरह से पिटाई किए जाने की घटना को शांति और कानून एवं व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बताते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
नयी दिल्ली, 25 मई जमीयत उलेमा-ए-हिंद (एमएम) के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी ने उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में चार लोगों की भीड़ द्वारा बुरी तरह से पिटाई किए जाने की घटना को शांति और कानून एवं व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बताते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
संगठन की ओर से रविवार को जारी एक बयान के मुताबिक, राज्यसभा के पूर्व सदस्य मदनी ने मवेशियों के मांस को ले जाने के शक में शनिवार को भीड़ द्वारा चार मुस्लिम व्यक्तियों की बुरी तरह से पिटाई करने की घटना को बर्बर अमानवीय हमला और देश के लिए शर्मनाक बताया।
उन्होंने कहा, “गोमांस के शक में मुस्लिम युवकों को पीटना शांति और कानून व्यवस्था के लिए एक गंभीर खतरे का संकेत है। इस तरह की घटनाएं लगातार हो रही हैं, लोगों की जानें जा रही हैं, लेकिन सख्त कानून और उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के बावजूद गौरक्षक समूह बेखौफ होकर लोगों की जान के पीछे पड़े हैं और उन्हें समर्थन भी मिल रहा है।“
मौलाना मदनी ने कहा कि सरकारों को स्पष्ट रूप से घोषणा करनी चाहिए कि इस तरह की हरकत किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और देश में कानून के दायरे से बाहर कोई भी समूह इस तरह का तथाकथित इंसाफ करने का हकदार नहीं है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष, त्वरित और प्रभावी जांच की जाए तथा सभी हमलावरों को तुरंत गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और घायलों के समुचित इलाज, सुरक्षा और मुआवजे का इंतज़ाम किया जाए।
वहीं, अलीगढ़ पुलिस ने रविवार को बताया कि इस घटना के संबंध में बड़ी संख्या में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार मवेशियों के मांस को ले जाने के संदेह में शनिवार को भीड़ द्वारा चार लोगों की पीट-पीटकर हत्या का प्रयास किया गया और उनके वाहन में आग लगा दी।
दक्षिणपंथी बजरंग दल के स्थानीय नेताओं ने दावा किया था कि इसी वाहन को ग्रामीणों ने एक पखवाड़े पहले ‘‘अवैध मांस’’ की ढुलाई करते हुए रोका था, लेकिन पुलिस ने मांस की पहचान भैंस के मांस के रूप में करते हुए उसे छोड़ दिया था।
पुलिस के मुताबिक आक्रोशित भीड़ ने वाहन को जबरन रुकवाया और उसमें सवार चार लोगों की पिटाई की। पुलिस की एक टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर चारों लोगों को भीड़ से बचाया और उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) सर्जना सिंह ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि हमलावरों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
घायल हुए चार लोगों की पहचान अकील (35), नदीम (32), अकील (43) और अरबाज (38) के रूप में की गई है जिनका जवाहरलाल नेहरू (जेएनएमसी) मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचार किया जा रहा है।
जमीयत के बयान में यह भी बताया गया है कि संगठन की अलीगढ़ शाखा के अध्यक्ष मुफ्ती अकबर कासमी की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल जेएनएमसी अस्पताल पहुंचा और घायलों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
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