देश की खबरें | आतिशी, निलंबित आप विधायकों को दिल्ली विधानसभा में प्रवेश से रोके जाने के बाद आप ने ‘धरना’ दिया

नयी दिल्ली, 27 फरवरी दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी और आम आदमी पार्टी (आप) के अन्य विधायकों को बृहस्पतिवार को विधानसभा परिसर में प्रवेश से रोके जाने बाद उन्होंने परिसर के बाहर धरना दिया।

नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर कहा कि भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) वालों ने सरकार में आते ही ‘‘तानाशाही की हदें पार कर दीं।’’

पत्र में कहा गया, ‘‘दिल्ली की भाजपा सरकार ने विभिन्न सरकारी कार्यालयों से संविधान निर्माता बाबा साहेब आंबेडकर जी और शहीद-ए-आजम भगत सिंह जी की तस्वीरें हटा दी हैं। यह न केवल देश के वीर सपूतों का अपमान है, बल्कि दलित, पिछड़े और वंचित समाज का भी अपमान है।’’

इसमें कहा गया है कि जब आप ने इस कदम का विरोध किया और विधानसभा में इस मुद्दे को उठाने की कोशिश की तो विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने ‘‘अलोकतांत्रिक’’ तरीके से 25 फरवरी को तीन दिनों के लिए पार्टी के 21 विधायकों को सदन की बैठकों से निलंबित कर दिया।

मंगलवार को उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना के अभिभाषण के दौरान सदन की कार्यवाही में बाधा डालने के कारण आप विधायकों को विधानसभा से निलंबित कर दिया गया था। आप ने कहा कि वह मुख्यमंत्री कार्यालय से बी.आर. आंबेडकर की तस्वीर कथित रूप से हटाए जाने के विरोध में प्रदर्शन कर रही थी।

आप नेताओं ने बृहस्पतिवार को विधानसभा परिसर के गेट के बाहर धरना दिया।

आप नेताओं ने आंबेडकर की तस्वीरों वाली तख्तियां पकड़ रखी थीं और ‘डफली’ की थाप के साथ सत्तारूढ़ दल के खिलाफ ‘‘बीजेपी सुन ले, जय भीम, जय भीम’’ ... ‘‘बीजेपी की तानाशाही नहीं चलेगी’’ के नारे लगाए।

आप विधायक कुलदीप कुमार ने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘हमने (विधानसभा में) ‘जय भीम’ के नारे लगाए और इस कारण हमें तीन दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया। आज हमें सदन में प्रवेश नहीं करने दिया गया। यह गलत है। वे विपक्ष की आवाज को कैसे रोक सकते हैं? वे पूरे विपक्ष को भाग लेने से कैसे रोक सकते हैं?’’

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