जरुरी जानकारी | फसलों को नुकसान का हो रहा है आकलन, किसानों को उचित मुआवजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध: कटारिया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. राजस्थान सरकार ने ओलावृष्टि, पाला व शीतलहर से रबी फसल में हुए नुकसान का पता लगाने के लिए विशेष गिरदावरी (फसल रकबा) आकलन के निर्देश दिए हैं।

जयपुर, 30 जनवरी राजस्थान सरकार ने ओलावृष्टि, पाला व शीतलहर से रबी फसल में हुए नुकसान का पता लगाने के लिए विशेष गिरदावरी (फसल रकबा) आकलन के निर्देश दिए हैं।

राज्य के कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने सोमवार को राज्य विधानसभा में यह जानकारी दी और कहा कि सरकार प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने पाला व शीतलहर से उत्पन्न स्थिति के संबंध में सरकार की ओर से सदन में वक्तव्य दिया।

हालिया ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान के बारे में उन्होंने कहा कि राज्य के सभी क्षेत्रों में ओलावृष्टि से नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘सभी जिला कलेक्टर को इस संबंध में तत्काल सर्वे कर विशेष गिरदावरी की रिपोर्ट आपदा प्रबंधन विभाग को भेजने के लिए निर्देश दिया गया है। फसल नुकसान के आकलन के लिए पटवारी मौके पर जाएंगे और कलेक्टर को रिपोर्ट देंगे।’’

कटारिया ने बताया कि प्रभावित किसानों को आपदा राहत कोष व प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के मानदंडों के अनुसार राहत दी जा रही है। उन्होंने जन प्रतिनिधियों से कहा कि फसली नुकसान की सूचना प्राप्त होने पर वे विभाग को सूचित करें, ताकि प्रभावित किसानों को हर स्तर पर सहायता मिल सके।

मंत्री ने कहा कि वर्ष 2022-23 में रबी फसल में 109 लाख 55 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हुई है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार गेहूं की फसल के 29 लाख 65 हजार हेक्टेयर बोये गए क्षेत्रफल में से लगभग 42 हजार हेक्टेयर, जौ फसल के 4 लाख 8 हजार हेक्टेयर बोये गए क्षेत्रफल में से 19 हजार हेक्टेयर, चना फसल के 20 लाख 57 हजार हेक्टेयर बोये गए क्षेत्रफल में से 2 लाख 25 हजार हेक्टेयर में 2 से 40 प्रतिशत तक खराबा नुकसान हुआ है।

उन्होंने बताया कि सरसों व तारामीरा का कुल बोये गए 39 लाख 36 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में से 9 लाख 83 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में 2 से 65 प्रतिशत तक का खराबा हुआ है। इसी तरह सब्जियां एवं उद्यानिकी फसलों के कुल बोये गए 15 लाख 89 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में से 2 लाख 22 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में 2 से 60 प्रतिशत तक खराबा हुआ है।

कटारिया ने बताया कि माह जनवरी, 2023 में पाले एवं शीत लहर से कुल बोये गए क्षेत्रफल 109 लाख 55 हजार हैक्टेयर में से लगभग 14 लाख 92 हजार हैक्टेयर क्षेत्रफल में 2 से 65 प्रतिशत तक फसल खराब होने की सूचनाएं हैं। यह नुकसान प्रमुख रूप से श्रीगंगानगर, हनुमानगढ, चूरू, झुन्झुनूं, जयपुर, जालोर, बीकानेर, चित्तौड़गढ़, सीकर, भरतपुर, पाली, अजमेर, जोधपुर और प्रतापगढ़ में हुआ है।

इससे पहले नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने मांग की कि सरकार प्रभावित किसानों को मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए जल्द से जल्द राहत देने के लिए कदम उठाए।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी ने चर्चा के दौरान कुछ सदस्यों द्वारा उठाई गई मांग की ओर इशारा करते हुए कहा कि सरकार को विशेष गिरदावरी की प्रक्रिया में जन प्रतिनिधियों को भी शामिल करने को कहा। उन्होंने कहा कि सरकार को उक्त प्रक्रिया पूरी होने के बाद फिर से सदन को सूचित करना चाहिए।

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