देश की खबरें | असम-मिजोरम सीमा गतिरोध: मिजोरम के गृह मंत्री और विधायक ने की सीआरपीएफ की आलोचना

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. असम और मिजोरम के पुलिस बलों के बीच हिंसक झड़प और गोलीबारी की घटना में कम से कम छह लोगों के मारे जाने और 50 के घायल होने के एक दिन बाद विवादित अंतर राज्यीय सीमा पर तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) को एक तटस्थ बल के रूप में कथित तौर पर “दायित्व निभाने” में विफल रहने के लिए मंगलवार को मिजोरम के गृह मंत्री तथा अन्य की आलोचना का शिकार होना पड़ा।

आइजोल, 27 जुलाई असम और मिजोरम के पुलिस बलों के बीच हिंसक झड़प और गोलीबारी की घटना में कम से कम छह लोगों के मारे जाने और 50 के घायल होने के एक दिन बाद विवादित अंतर राज्यीय सीमा पर तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) को एक तटस्थ बल के रूप में कथित तौर पर “दायित्व निभाने” में विफल रहने के लिए मंगलवार को मिजोरम के गृह मंत्री तथा अन्य की आलोचना का शिकार होना पड़ा।

मिजोरम के गृह मंत्री लालचमलिआना ने सीआरपीएफ पर, सोमवार को कोलासिब जिले के वैरेंगते के बाहरी इलाके में असम पुलिकर्मियों को मिजोरम में घुसने और राज्य पुलिस की ड्यूटी पोस्ट पर बलपूर्वक कब्जा करने की अनुमति देने का आरोप लगाया।

मिजोरम के एक मंत्री, एक स्थानीय विधायक और वैरेंगते के ग्राम परिषद अध्यक्ष ने भी सीआरपीएफ पर इसी प्रकार के आरोप लगाए। पिछले साल अगस्त में सीमा पर हुए गतिरोध के बाद तनाव कम करने और शांति बहाली के लिए केंद्र सरकार ने मिजोरम-असम सीमा पर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को तैनात किया था।

मिजोरम की तरफ सीआरपीएफ, जबकि असम की तरफ लैलापुर में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) को तैनात किया गया है। गृह मंत्री ने कहा, “केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवान, तटस्थ बल के रूप में हिंसक झड़प को रोकने और शांति कायम करने की अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे हैं।”

लालचमलिआना ने दावा किया कि सोमवार को मिजोरम और असम के पुलिस बलों के बीच गोलीबारी के दौरान सीआरपीएफ के जवान कोलासिब के पुलिस अधीक्षक और कुछ पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा देने में विफल रहे जब वे अर्धसैनिक बल के शिविर में सुरक्षा मांगने गए थे।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि गृह मंत्री ने सीआरपीएफ के महानिरीक्षक सरबजीत सिंह से भी बात की और आग्रह किया कि वे इस मामले का संज्ञान लें और आवश्यक कार्रवाई करें। बयान के मुताबिक, सीआरपीएफ मिजोरम के कुछ पुलिस अधिकारियों के उन आरोपों की जांच करेगा जिसके अनुसार झड़प के दौरान उन्हें सुरक्षा देने से मना कर दिया गया।

मिजोरम के सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री ललरुआतकिमा ने आरोप लगाया कि अर्धसैनिक बलों ने असम के पुलिसकर्मियों और लोगों को मिजोरम में घुसपैठ करने से नहीं रोका। वैरेंगते पर शिविर लगाए ललरुआतकिमा ने पीटीआई- से कहा, “अगर सीआरपीएफ कर्मियों ने असम पुलिस को मिजोरम के क्षेत्र में घुसने से रोक दिया होता तो यह खूनी झड़प नहीं होती।”

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