देश की खबरें | नयी जोड़ी गई धाराओं में जमानत के लिए सीधे उच्च न्यायालय पहुंची आशीष मिश्रा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ में सोमवार को लखीमपुरी खीरी के तिकुनिया कांड मामले में आरोपी आशीष मिश्रा उर्फ मोनू की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। आशीष केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा के पुत्र हैं।

लखनऊ, 30 मई इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ में सोमवार को लखीमपुरी खीरी के तिकुनिया कांड मामले में आरोपी आशीष मिश्रा उर्फ मोनू की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। आशीष केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा के पुत्र हैं।

अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 8 जुलाई की तारीख तय की है। मामले में अगली सुनवाई पर भी बहस जारी रहेगी।

मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने वाले शिकायतकर्ता की ओर से सोमवार को सुनवाई के दौरान दलील दी गई कि मामले में जांच के बाद कुछ धाराएं बढा दी गई थीं और बढी हुई धाराओं में सत्र अदालत में जमानत अर्जी दाखिल किए बगैर अभियुक्त ने सीधा उच्च न्यायालय में वर्तमान याचिका दाखिल कर दी है।

हालांकि अभियुक्त द्वारा इस आपत्ति का विरोध करते हुए कहा गया कि सीआरपीसी की धारा 439 में जमानत के संबंध में सत्र अदालत व उच्च न्यायालय को समान अधिकार प्राप्त है। अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 8 जुलाई की तिथि नियत की है। मामले में अगली सुनवाई पर भी बहस जारी रहेगी।

यह आदेश न्यायमूर्ति कृष्ण पहल की एकल पीठ ने आशीष मिश्रा उर्फ मोनू की जमानत याचिका पर पारित किया।

उल्लेखनीय है कि 10 फरवरी को उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने आशीष मिश्रा की याचिका को मंजूर करते हुए, उसे जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था। बाद में जमानत मंजूर किए जाने के इस आदेश को उच्चतम न्यायालय के समक्ष मामले के वादी पक्ष ने चुनौती दी थी जिसके बाद न्यायालय ने 10 फरवरी के आदेश को निरस्त करते हुए, वादी पक्ष को सुनवाई का पर्याप्त अवसर देते हुए, मामले को दोबारा सुने जाने का निर्देश उच्चा न्यायालय को दिया था।

इस दौरान इसी मामले में अभियुक्त बनाए गए अंकित दास, लवकुश, सुमित जायसवाल व शिशुपाल की जमानत याचिकाएं उच्च न्यायालय खारिज कर चुका है।

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