देश की खबरें | आर्यन को अभी जमानत नहीं, याचिका पर सुनवायी जारी रखेगी अदालत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बंबई उच्च न्यायालय अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान और दो अन्य व्यक्तियों की जमानत याचिका पर बुधवार को भी सुनवाई जारी रखेगा, जिन्हें इस महीने की शुरुआत में मुंबई के तट के पास एक क्रूज जहाज से मादक पदार्थों की कथित जब्ती के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था।

मुंबई, 26 अक्टूबर बंबई उच्च न्यायालय अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान और दो अन्य व्यक्तियों की जमानत याचिका पर बुधवार को भी सुनवाई जारी रखेगा, जिन्हें इस महीने की शुरुआत में मुंबई के तट के पास एक क्रूज जहाज से मादक पदार्थों की कथित जब्ती के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था।

इस बीच, आर्यन (23) ने एनसीबी के क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े के खिलाफ जबरन वसूली के प्रयास के आरोप से खुद को अलग कर लिया, जिन्होंने गत दो अक्टूबर को जहाज पर छापे की निगरानी की थी।

आर्यन के वकीलों मुकुल रोहतगी और सतीश मानशिंदे ने न्यायमूर्ति एन डब्ल्यू सांबरे के सामने दलील दी कि मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) के पास उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है।

वरिष्ठ वकील रोहतगी ने कहा, ‘‘आर्यन को एनसीबी के क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े सहित एनसीबी के किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं है। आर्यन का इन बेतुके विवादों से कोई सरोकार नहीं है। वह इससे किसी भी तरह के संबंध से पूरी तरह इनकार करते हैं।’’

वकील ने कहा कि एनसीबी और वानखेड़े ने सोमवार को कहा था कि आरोप एक नेता द्वारा प्रतिशोध का हिस्सा थे, जिसके दामाद को एनसीबी ने पहले गिरफ्तार किया था।

रोहतगी ने कहा, ‘‘लेकिन आज, एनसीबी इसे आर्यन खान पर डाल रहा है और कह रहा है कि वह गवाहों को प्रभावित कर रहे हैं। इससे मेरे मुवक्किल का मामला प्रभावित हो रहा है।’’

उन्होंने दलील दी कि नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंस (एनडीपीएस) अधिनियम बनाने के पीछे विधायिका की मंशा यह थी कि छोटी मात्रा में मादक पदार्थ के साथ पकड़े जाने वालों को सुधारा जा सके। इसी कानून के तहत आर्यन एवं अन्य को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के पीछे मंशा यह थी कि युवाओं को पीड़ित के तौर पर माना जाए न कि आरोपी के तौर पर।

रोहतगी ने कहा कि आर्यन खान एक ‘‘युवक है जिसका ऐसा कोई पिछला मामला नहीं है।’’

रोहतगी ने कहा, ‘‘एनडीपीएस अधिनियम की विधायिका की मंशा इस बारे में स्पष्ट है। अधिनियम की धारा 64 ए उन व्यक्तियों को प्रतिरक्षा प्रदान करती है जिन पर कम मात्रा में मादक पदार्थ रखने का आरोप लगाया गया है। अगर ये व्यक्ति पुनर्वसन के लिए भेजे जाने के लिए सहमत हैं तो इसकी अनुमति दी जानी चाहिए। आर्यन का मामला मादक पदार्थ जब्ती और सेवन का नहीं है।’’ उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि आर्यन को किसी अन्य व्यक्ति द्वारा मादक पदार्थ कथित तौर पर रखने के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

उन्होंने कहा कि 23 वर्षीय को गलत तरीके से गिरफ्तार किया गया और 20 दिनों से अधिक समय तक जेल में रखा गया।

उन्होंने कहा कि निहित स्वार्थ वाले कुछ लोगों द्वारा मामले को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है और मीडिया कुछ बेतुके विवादों के कारण इस पर ध्यान दे रहा है, अन्यथा यह एक साधारण मामला है।

रोहतगी ने कहा, ‘‘नशा करने, मादक पदार्थ बरामदगी का कोई सबूत नहीं है और तथाकथित साजिश और उकसावे में उनकी भागीदारी दिखाने के लिए कोई सबूत नहीं है जैसा कि एनसीबी द्वारा आरोप लगाया गया है।’’

रोहतगी द्वारा अपनी दलीलें पूरी करने के बाद, उच्च न्यायालय ने कहा कि वह बुधवार को सह-आरोपी अरबाज मर्चेंट और मुनमुन धमेचा की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई जारी रखेगा।

न्यायाधीश ने कहा कि वह बुधवार को एनसीबी के वकील अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह की दलीलें भी सुनेंगे।

रोहतगी ने अपनी दलील के दौरान यह भी कहा कि यह दिखाने के लिए आर्यन की कोई चिकित्सा जांच नहीं की गई कि उन्होंने वास्तव में मादक पदार्थ का सेवन किया था।

वरिष्ठ अधिवक्ता ने विशेष अदालत द्वारा आर्यन को इस आधार पर जमानत देने से इंकार करने के आदेश की आलोचना की कि उसे अपने मित्र अरबाज मर्चेंट के पास मादक पदार्थ होने की जानकारी थी और इसलिए पहली नजर में वह जानते हुए इसे रखने का दोषी है।

रोहतगी ने दलील दी कि ‘‘जानकारी में होने का मतलब यह कि ये मेरे नियंत्रण में थी। किसी अन्य के पास कुछ होना या नहीं होना मेरे नियंत्रण में नहीं है। अरबाज मेरा सेवक नहीं है और उसके पास जो है वह मेरे नियंत्रण में नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि यदि वह इसे रखना (आर्यन द्वारा) मानती है, मात्रा केवल छह ग्राम चरस की थी जिसे एनडीपीएस कानून के तहत ‘छोटी मात्रा’ माना जाता है और इसके लिए सजा मात्र एक वर्ष की है।

रोहतगी ने कहा कि एनसीबी ने आर्यन खान के व्हाट्सएप चैट पर भी गलत तरीके से भरोसा किया क्योंकि उनका वर्तमान मामले से कोई संबंध नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘चैट 2018, 2019 और 2020 की हैं और इसका इस क्रूज पार्टी से कोई संबंध नहीं है। चैट कुछ विदेशियों सहित कुछ व्यक्तियों के साथ मादक पदार्थ के बारे में हैं। यह अतीत में कथित सेवन से संबंधित होगा।’’

रोहतगी ने एनसीबी के इस आरोप पर सवाल उठाया कि आर्यन साजिश और उकसावे का हिस्सा था। रोहतगी ने कहा कि आर्यन खान, अरबाज मर्चेंट और अचित कुमार को छोड़कर अन्य आरोपियों को नहीं जानता था, जिनसे वह ऑनलाइन पोकर खेलते समय परिचित हो गया था।

रोहतगी ने कहा कि यह ऐसा मामला नहीं है, जहां एनसीबी ने लोगों को किसी पार्टी के दौरान धूम्रपान और नशीली दवाओं का सेवन करते हुए पकड़ा था और गिरफ्तार किए गए अधिकांश आरोपी क्रूज जहाज पर भी नहीं थे। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी के समय आर्यन जहाज पर सवार नहीं हुए थे।

वकील ने कहा कि आर्यन ने गिरफ्तारी के बाद कथित तौर पर एनसीबी को दिए गए अपने बयान को भी वापस ले लिया है।

एनसीबी ने आर्यन को गत 3 अक्टूबर को उसके दोस्त अरबाज मर्चेंट और फैशन मॉडल धमेचा के साथ अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया था। आर्यन और मर्चेंट अब आर्थर रोड जेल में बंद हैं, जबकि धमेचा भायकुला महिला जेल में हैं।

एनडीपीएस मामलों की एक की विशेष अदालत उनकी जमानत याचिका खारिज कर चुकी है।

इससे पहले दिन में, एनसीबी ने क्रूज़ जहाज से मादक पदार्थ की बरामदगी के मामले में आरोपी आर्यन खान की जमानत याचिका का मंगलवार को बंबई उच्च न्यायालय में विरोध करते हुए कहा कि वह ना केवल मादक पदार्थ लेते थे, बल्कि उसकी अवैध तस्करी में भी शामिल थे।

एजेंसी ने यह भी दावा किया कि जांच को प्रभावित करने के लिए आर्यन खान और शाहरुख खान की प्रबंधक पूजा ददलानी सबूतों से छेड़छाड़ और गवाहों को प्रभावित कर रहे हैं।

वहीं, आर्यन खान के वकीलों ने उच्च न्यायालय में अतिरिक्त नोट दाखिल करते हुए कहा कि एनसीबी के क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े और कुछ राजनीतिक हस्तियों द्वारा एक-दूसरे पर लगाए जा रहे आरोप-प्रत्यारोपों से उनका कोई लेना-देना नहीं है।

एनसीबी ने आर्यन खान की उच्च न्यायालय में दायर जमानत याचिका के जवाब में मंगलवार को हलफनामा दाखिल किया।

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