देश की खबरें | आंध्र प्रदेश में मच्छरों की निगरानी और नियंत्रण के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का किया जाएगा इस्तेमाल
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अमरावती, सात जुलाई आंध्र प्रदेश कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग कर ‘स्मार्ट मॉस्किटो सर्विलांस सिस्टम’ (एसएमओएसएस) नाम का एक मच्छर नियंत्रण कार्यक्रम शुरू करने जा रहा है।
इसका मुख्य उद्देश्य मच्छरों की संख्या पर नजर रखना, उनकी प्रजाति का पता लगाना और समय पर कीटनाशक का छिड़काव सुनिश्चित करना है।
तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) द्वारा सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, नगर प्रशासन एवं शहरी विकास (एमएयूडी) विभाग मच्छरों की प्रजातियों, लिंग आदि का पता लगाने के लिए एआई-संचालित सेंसर और ड्रोन तैनात करेगा। यह प्रणाली केंद्रित छिड़काव के लिए नगर निगम की टीम को स्वचालित अलर्ट जारी करेगी, जो अब तक मैनुअल प्रक्रिया थी। मौजूदा प्रक्रिया उतनी कारगर नहीं है।’’
विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह परियोजना छह नगर निगमों के 66 स्थानों पर क्रियान्वित की जाएगी, जिसमें विशाखापत्तनम में 16, विजयवाड़ा में 28, काकीनाडा में चार, राजामहेंद्रवरम में पांच, नेल्लोर में सात और कुरनूल में छह स्थान चिन्हित हैं।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि ‘इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ (आईओटी) सेंसर मच्छरों की संख्या के साथ ही आर्द्रता और तापमान जैसी मौसम की स्थिति की वास्तविक समय पर निगरानी करने में सक्षम होंगे, जिससे अंधाधुंध छिड़काव की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।
छिड़काव करने वाले ड्रोन से समय, रसायन के उपयोग और लागत में कमी आने की उम्मीद है, जबकि ये क्षेत्र की गतिविधि पर नजर रखने के लिए लाइव डेटा प्रदान करेगा।
एमएयूडी के प्रधान सचिव एस. सुरेश कुमार और निदेशक पी. संपत कुमार ने कहा कि विशेष एजेंसियां काम करेंगी और भुगतान प्रदर्शन के आधार पर होगा।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि अस्पताल डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मामलों की दैनिक रिपोर्ट भेजेंगे, ताकि प्रभावित क्षेत्र का पता लगाने में मदद मिल सके। इन रिपोर्ट के आधार पर ‘फॉगिंग’ और कीटनाशक छिड़काव उपायों को तेज किया जाएगा।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 07, 2025 05:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

