ताजा खबरें | प्रवासियों की भारत में मौजूद संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था विकसित हो: संधू
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नयी दिल्ली, 17 मार्च विदेशों में रहने वाले प्रवासियों की भारत में मौजूद संपत्तियों पर धोखाधड़ी व अन्य फर्जी माध्यमों से कब्जा जमाए जाने के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए राज्यसभा के एक सदस्य ने सरकार से ऐसे लोगों की संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाली व्यवस्था विकसित करने की मांग की।
राज्यसभा के मनोनीत सदस्य सतनाम सिंह संधू ने उच्च सदन में शून्यकाल में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि प्रवासी भारतीयों का देश के स्वतंत्रता संग्राम से लेकर ‘विकसित भारत’ की यात्रा तक में बहुत बड़ा योगदान रहा है।
उन्होंने कहा कि देश की प्रगति में भी वे बड़ा योगदान कर रहे हैं और विश्व स्तर पर भारत का झंडा बुलंद कर रहे हैं।
संधू ने कहा कि ब्रिटेन में हाल ही में संपन्न हुए चुनाव में भारतीय मूल के 29 सांसद निर्वाचित हुए हैं और यह भारत के लिए गर्व की बात है।
उन्होंने कहा, ‘‘जिस देश ने हमें लंबे समय तक गुलाम बनाकर रखा था, उसके दोनों सदनों में करीब 40 सदस्य ऐसे हैं जो भारतीय मूल के हैं। यह भारत की बढ़ती सॉफ्ट पावर की एक मिसाल है।’’
संधू ने कहा कि देश से हजारों मील दूर रहने के बावजूद इन प्रवासी भारतीयों का दिल भारत के लिए धड़कता है और देश से जुड़े रहने के लिए उन्होंने अपनी संपत्तियों को नहीं बेचा।
उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीयों की उनके पैतृक स्थलों पर मौजूद संपत्तियों पर नाजायज कब्जे और उनसे धोखाधड़ी के मामले बड़ी संख्या में सामने आ रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘इस वजह से प्रवासी भारतीयों में संपत्तियों को लेकर डर का माहौल पैदा हो रहा है और वह अपनी संपत्तियों को बेचने को तरजीह दे रहे हैं। यह बहुत गंभीर मामला है। इसकी गंभीरता केवल संपत्तियों को बेचा जाना ही नहीं है बल्कि मातृभूमि से उनके संबंधों का टूटना भी है। इसका कमजोर होना भी है।’’
उन्होंने प्रवासी भारतीय की संपत्तियों की सुरक्षा के लिए एक नई व्यवस्था बनाए जाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए सरकार से इस दिशा में कदम उठाने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि ऐसे कदम उठाए जाएं ताकि प्रवासी भारतीयों में विश्वास बहाल हो सके और कोई उनपर कब्जा ना कर पाए।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आर पी एन सिंह ने उच्चतम न्यायालय, दिल्ली उच्च न्यायालय और पटियाला हाउस न्यायालय के इर्द-गिर्द पार्किंग सुविधाओं की कमी और इस वजह से यातायात प्रभावित होने और लोगों को होने वाली परिशानियों का मुद्दा उठाया।
उन्होंने तीन अदालतों के वकीलों और उनके मुवक्किलों के लिए एक समर्पित पार्किंग स्थल बनाए जाने की मांग की।
भाजपा के ही अजीत माधव राव गोपछड़े ने मराठवाड़ा क्षेत्र में कृषि संबंधी समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि अक्सर यह क्षेत्र सूखाग्रस्त रहता है और इन वजहों से किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने महाराष्ट्र के नांदेड़ में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की एक शाखा स्थापित करने की मांग की।
भाजपा के ही महेंद्र भट्ट ने केंद्र सरकार की फ्री सिलाई मशीन वितरण योजना की खामियों की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट किया और इससे महिलाओं को हो रही परेशानियों का मुद्दा उठाया।
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