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देश की खबरें | सशस्त्र बलों को ‘गतिशील परिप्रेक्ष्य योजना’ तैयार करनी चाहिए: राजनाथ

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि सशस्त्र बलों को वर्तमान गतिशील भू-रणनीतिक परिवर्तनों और वैश्विक सुरक्षा परिदृश्यों को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक और अल्पकालिक दोनों चुनौतियों का सामना करने के लिए एक ‘‘गतिशील परिप्रेक्ष्य योजना’’ तैयार करनी चाहिए।

देश की खबरें | सशस्त्र बलों को ‘गतिशील परिप्रेक्ष्य योजना’ तैयार करनी चाहिए: राजनाथ

नयी दिल्ली, तीन अप्रैल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि सशस्त्र बलों को वर्तमान गतिशील भू-रणनीतिक परिवर्तनों और वैश्विक सुरक्षा परिदृश्यों को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक और अल्पकालिक दोनों चुनौतियों का सामना करने के लिए एक ‘‘गतिशील परिप्रेक्ष्य योजना’’ तैयार करनी चाहिए।

सिंह ने यहां एक से चार अप्रैल तक शीर्ष सैन्य कमांडरों के अर्धवार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सशस्त्र बलों को भविष्य के लिए तैयार करने को जब भी आवश्यक हो, सैद्धांतिक बदलाव किए जाने चाहिए।

सिंह ने कहा, ‘‘सैन्य कमांडर सम्मेलन जैसे मंचों पर वरिष्ठ नेतृत्व द्वारा की गई सिफारिशों और सुझावों पर विचार-विमर्श किया जाना चाहिए और यदि आवश्यक हो तो मध्यावधि समीक्षा और संशोधन के साथ उन्हें तार्किक निष्कर्ष पर ले जाना चाहिए। राष्ट्र को अपनी सेना पर गर्व है और सरकार सुधारों एवं क्षमता आधुनिकीकरण के मार्ग पर सेना को आगे बढ़ने में सहायता करने को प्रतिबद्ध है।’’

उन्होंने कहा कि ‘हाइब्रिड’ युद्ध सहित अपरंपरागत और असममित युद्ध ‘‘भविष्य के पारंपरिक युद्धों का हिस्सा होंगे’’।

सिंह ने वर्तमान भू-रणनीतिक अनिश्चितताओं और जटिल विश्व स्थिति पर जोर दिया, जिसका प्रभाव वैश्विक स्तर पर सभी पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान विश्व ‘‘एक दूसरे से जुड़ा हुआ विश्व है’’ और ऐसी घटनाएं चाहे पड़ोस में हों या दूर के देशों में, सभी को प्रभावित करेंगी।

रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि सम्मेलन के दौरान सेना के शीर्ष नेतृत्व ने मौजूदा सुरक्षा परिदृश्य, सीमाओं और भीतरी इलाकों की स्थिति तथा वर्तमान सुरक्षा तंत्र के समक्ष चुनौतियों के सभी पहलुओं पर व्यापक विचार-विमर्श किया।

सिंह ने रेखांकित किया कि वर्तमान गतिशील भू-रणनीतिक और जारी वैश्विक सुरक्षा परिदृश्यों तथा अनिश्चितताओं को ध्यान में रखते हुए, ‘‘सशस्त्र बलों को दीर्घकालिक और अल्पकालिक दोनों चुनौतियों का समाधान करते हुए एक गतिशील परिप्रेक्ष्य योजना तैयार करनी चाहिए।’’

‘गतिशील परिप्रेक्ष्य योजना’ से तात्पर्य ऐसी योजना या रणनीति से है जिसे समय के साथ बदलती परिस्थितियों और लक्ष्यों के अनुसार लचीलेपन और तेजी से समायोजित किया जा सके।

सिंह ने कहा, ‘‘हाइब्रिड युद्ध सहित अपरंपरागत और असममित युद्ध भविष्य के पारंपरिक युद्धों का हिस्सा होंगे। साइबर, सूचना, संचार, व्यापार और वित्त सभी भविष्य के संघर्षों का अभिन्न अंग बन गए हैं। यह आवश्यक है कि सशस्त्र बल रणनीति बनाते और योजना बनाते समय इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखें।’’

रक्षा मंत्री ने उत्तरी सीमाओं की वर्तमान स्थिति को लेकर सैनिकों पर पूर्ण भरोसा जताया और सशस्त्र बलों को ‘‘दृढ़ता एवं सतर्कता’’ के साथ खड़े रहने के लिए बधाई दी तथा कहा कि ऐसा ही जारी रहना चाहिए।

उन्होंने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के प्रयासों की सराहना की जिसने कठिन परिस्थितियों में कार्य करते हुए पश्चिमी और उत्तरी दोनों सीमाओं पर सड़क संचार में उल्लेखनीय सुधार किया है।

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 03, 2025 09:46 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).