विदेश की खबरें | कार्यवाहक राष्ट्रपति विक्रमसिंघे के आदेश का पालन न करें सशस्त्र बल: पूर्व सेना प्रमुख

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. श्रीलंका के पूर्व सेना प्रमुख और संसद सदस्य फील्ड मार्शल सरत फोनसेका ने बुधवार को देश के सशस्त्र बलों से अनुरोध किया कि वे कार्यवाहक राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे के आदेशों का पालन नहीं करें क्योंकि उनके निर्देश ‘संविधान के विरुद्ध’ हैं।

कोलंबो, 13 जुलाई श्रीलंका के पूर्व सेना प्रमुख और संसद सदस्य फील्ड मार्शल सरत फोनसेका ने बुधवार को देश के सशस्त्र बलों से अनुरोध किया कि वे कार्यवाहक राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे के आदेशों का पालन नहीं करें क्योंकि उनके निर्देश ‘संविधान के विरुद्ध’ हैं।

श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे अपने खिलाफ प्रदर्शनों के बीच बुधवार सुबह सेना के एक विमान से मालदीव चले गये। उन्होंने वहां से संविधान के अनुच्छेद 37 (1) का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री विक्रमसिंघे को कार्यवाहक राष्ट्रपति नियुक्त किया। इस प्रावधान में प्रधानमंत्री को राष्ट्रपति के बीमार होने या देश में नहीं होने पर उनके अधिकारों, कर्तव्यों तथा जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की अनुमति है।

फोनसेका ने एक बयान में कहा, ‘‘रानिल विक्रमसिंघे ने खुद को कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में पेश किया है और ऐसे किसी व्यक्ति के निर्देश संविधान के खिलाफ हैं।’’

उन्होंने सशस्त्र बलों से बेगुनाह और निहत्थे नागरिकों के खिलाफ अपने हथियारों का इस्तेमाल नहीं करने, बल्कि भ्रष्ट नेताओं के खिलाफ उनका उपयोग करने की अपील भी की।

फोनसेका (71) श्रीलंका की सेना के 18वें कमांडर थे और उनकी अगुवाई में 2009 में लिट्टे की हार के बाद तीन दशक से चल रहा गृह युद्ध समाप्त हुआ था।

वह कुछ समय के लिए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ भी रहे।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\