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सशस्त्र बलों ने दिल्ली के अस्पतालों पर हेलीकाप्टरों से पुष्पवर्षा करके कोरोना योद्धाओं को सलाम किया

स्वास्थ्यकर्मी इससे अभिभूत हुए और उन्होंने यह भी कहा कि इससे उन लोगों को एक संदेश मिलेगा जिन्होंने उन्हें अपमानित और प्रताड़ित किया।

सशस्त्र बलों ने दिल्ली के अस्पतालों पर हेलीकाप्टरों से पुष्पवर्षा करके कोरोना योद्धाओं को सलाम किया
जमात

नयी दिल्ली, तीन मई स्वास्थ्य कर्मियों के लिए रविवार का दिन ‘‘प्रेरणादायक’’ शुरुआत वाला रहा क्योंकि हेलीकाप्टरों ने शहर स्थित अस्पतालों के ऊपर से उड़ान भरी और कोरोना योद्धाओं को धन्यवाद देने के लिए पुष्पवर्षा की।

स्वास्थ्यकर्मी इससे अभिभूत हुए और उन्होंने यह भी कहा कि इससे उन लोगों को एक संदेश मिलेगा जिन्होंने उन्हें अपमानित और प्रताड़ित किया।

लड़ाकू विमानों ने कोरोना वायरस महामारी से मुकाबले में लगे लाखों चिकित्सकों, पैरामेडिकल कर्मियों, स्वच्छता कर्मियों एवं अन्य कर्मियों के प्रति आभार जताने के लिए देशव्यापी अभियान के तहत राष्ट्रीय राजधानी के ऊपर से उड़ान भरी।

सुखोई-30 एमकेआई, मिग-29 और जगुआर सहित लड़ाकू विमानों ने दिल्ली में राजपथ के ऊपर से उड़ान भरी और उसके बाद पूर्वाह्न 11 बजे से करीब आधे घंटे के लिए शहर का चक्कर लगाया।

राष्ट्रीय राजधानी में 200 से अधिक स्वास्थ्यकर्मी कोरोना वायरस से प्रभावित हुए हैं।

आरएमएल अस्पताल की एमएस डा. मीनाक्षी भारद्वाज ने कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों ने इससे अभिभूत एवं सम्मानित महसूस किया।

उन्होंने कहा, ‘‘यह उन स्वास्थ्य कर्मियों को धन्यवाद देने के लिए है, जो अपने जीवन को खतरे में डाल रहे हैं और लोगों की सेवा करने के लिए अपने परिवारों को पीछे रख रहे हैं। कुछ ऐसी घटनाएं हुई हैं जिसमें लोग डॉक्टरों के प्रति आक्रामक रहे हैं और यह उनके लिए एक संदेश है। यह मनोबल बढ़ाने वाला है।’’

सफदरजंग अस्पताल में डिपार्टमेंट आफ पल्मोनरी, क्रिटिकल केयर एंड स्लीप मेडिसिन के डा. नीरज गुप्ता ने कहा, ‘‘सुरक्षा बलों ने वह किया जो लोगों ने नहीं किया...उन चिकित्सकों को उचित सम्मान देना जो अपनी ड्यूटी के लिए अपना जीवन जोखिम में डाल रहे हैं, जैसा कि सेना करती है। यह भाव वास्तव में दिल को छू लेने वाला है।’’

उन्होंने कहा कि यहां तक कि प्रधानमंत्री ने लोगों से अपील की है कि वे चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों से दुर्व्यवहार नहीं करें और उन्होंने जनता कर्फ्यू के दिन उनसे आग्रह किया था कि वे कोरोना योद्धाओं के सम्मान में ताली बजायें।

उन्होंने कहा, ‘‘इन अनुरोधों के बावजूद इन कर्मियों को उन लोगों के कोप का सामना करना पड़ा जिनके लिए वे काम कर रहे हैं।’’

सफदरजंग अस्पताल में डिपार्टमेंट आफ पल्मोनरी, क्रिटिकल केयर एंड स्लीप मेडिसिन में असिस्टेंट प्रोफेसर एवं कोविड-19 के नोडल अधिकारी डा. नितेश गुप्ता ने स्वास्थ्य कर्मियों की तुलना सैन्य कर्मियों से की।

उन्होंने कहा, ‘‘जैसे सेना अग्रिम मोर्चे पर रहती है, वैसे ही स्वास्थ्यकर्मी अग्रिम मोर्चे पर रहकर कोरोना वायरस से मुकाबला कर रहे हैं और हम पारस्परिक प्रशंसा का स्वागत करते हैं।’’

सफदरजंग अस्पताल में कोविड-19 वार्ड में तैनात नर्सिंग अधिकारी मंजू दहिया ने कहा, ‘‘भारतीय सेना का यह भाव अच्छा था। हम गर्व और प्रेरित महसूस कर रहे हैं। यह महसूस करके अच्छा लगता है कि देश आपके साथ है और आपके योगदान को पहचानता है।’’

एम्स कोविड-19 स्क्रीनिंग क्षेत्र में तैनात नर्सिंग अधिकारी मंजू दहिया ने भी अपने सहयोगियों के इस विचार का समर्थन किया और कहा, ‘‘स्वास्थ्य कर्मियों पर हमले से उनका मनोबल टूटता है। हम लोगों की मदद करने के लिए हमेशा तैयार हैं, उन्हें भी हमारा समर्थन करना चाहिए।’’

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(The above story first appeared on LatestLY on May 03, 2020 05:03 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).