अहमदाबाद, 19 जून अहमदाबाद से लंदन के गैटविक के लिए 12 जून को उड़ान भरने के कुछ ही क्षण के बाद एअर इंडिया के विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के मद्देनजर सरदार वल्लभभाई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास के इलाकों का सर्वेक्षण कराया जाएगा। अमदाबाद जिले के एक शीर्ष अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
एअर इंडिया के उक्त बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान में चालक दल के 12 सदस्यों सहित 242 लोग सवार थे जो अहमदाबाद के मेघाणी नगर क्षेत्र में एक मेडिकल छात्रावास परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने और इसके बाद लगी आग में यात्रियों, चालक दल के सदस्यों और जमीन पर मौजूद लोगों सहित कुल 270 लोगों की मौत हो गई।
अहमदाबाद के जिला कलेक्टर सुजीत कुमार ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के दिशा-निर्देशों के अनुसार, अहमदाबाद नगर निगम और नागरिक विमानन विभाग के अधिकारियों द्वारा सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास के क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया जाएगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सर्वेक्षण पूरा हो जाने के बाद, आगामी आवश्यक कार्य शुरू कर दिए जाएंगे।’’
कुमार ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा जारी विमान (बाधाओं का विध्वंस) नियम, 2025 के मसौदे का हवाला दिया, जिसमें हवाई अड्डों के पास विमान सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाली संरचनाओं पर नियंत्रण कड़ा करने की बात कही गई है।
मसौदा नियमों का उद्देश्य अधिकारियों को उन इमारतों, पेड़ों या अन्य वस्तुओं के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने का अधिकार देना है जो निर्दिष्ट हवाई अड्डे क्षेत्रों में निर्धारित ऊंचाई सीमाओं का उल्लंघन करते हैं। अधिकारी ऐसी संरचनाओं को लेकर नोटिस जारी कर सकते हैं और ऊंचाई कम करने या ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू कर सकते हैं।
कुमार ने कहा, ‘‘सर्वेक्षण का कार्य निर्धारित समय में पूरा कर लिया जाएगा। हवाई अड्डे के आसपास सर्वेक्षण का क्षेत्र नागरिक विमानन टीम द्वारा तय किया जाएगा।’’उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण टीम का जल्द गठन किया जाएगा।
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