जरुरी जानकारी | मध्यस्थता न्यायाधिकरण ने रिलायंस रिटेल के साथ सौदे पर अंतरिम रोक हटाने की फ्यूचर रिटेल की याचिका खारिज की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सिंगापुर अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केन्द्र (एसआईएसी) ने रिलायंस रिटेल के साथ 24,713 करोड़ रुपये के सौदे पर अंतरिम रोक हटाने की फ्यूचर रिटेल की याचिका खारिज कर दी है। इस फैसले से अमेजन को बड़ी राहत मिली है जिसने इस सौदे को चुनौती दे रखी है।
नयी दिल्ली, 22 अक्टूबर सिंगापुर अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केन्द्र (एसआईएसी) ने रिलायंस रिटेल के साथ 24,713 करोड़ रुपये के सौदे पर अंतरिम रोक हटाने की फ्यूचर रिटेल की याचिका खारिज कर दी है। इस फैसले से अमेजन को बड़ी राहत मिली है जिसने इस सौदे को चुनौती दे रखी है।
इससे पहले, सिंगापुर अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र (एसआईएसी) ने 21 अक्टूबर को कहा था कि रिलायंस रिटेल के फ्यूचर ग्रुप की संपत्तियों की बिक्री से जुड़े विवाद में अमजेन और फ्यूचर ग्रुप के बीच चल रही मध्यस्थता में फ्यूचर रिटेल एक पक्षकार है।
फ्यूचर समूह ने एसआईएसी के समक्ष तर्क दिया था कि उसे मध्यस्थता की कार्यवाही से बाहर रखा जाना चाहिए क्योंकि वह अपने प्रवर्तक फ्यूचर कूपन प्राइवेट लिमिटेड (एफसीपीएल) और अमेजन के बीच विवाद में पक्षकार नहीं है।
फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (एफआरएल) ने शुक्रवार को दी गयी एक नियामकीय सूचना में कहा कि 25 अक्टूबर, 2020 के आपातकालीन मध्यस्थ (ईए) के अंतरिम फैसले को निरस्त करने की उसकी याचिका पर 21 अक्टूबर, 2021 को एसआईएसी ने फैसला सुनाया।
नियामकीय सूचना में कहा गया, "न्यायाधिकरण इस बात से संतुष्ट है कि ईए के फैसले में निर्धारित आदेश सही हैं और बाद की किसी भी घटनाओं या कार्यवाही से प्रभावित नहीं हुए हैं। इसके अलावा या वैकल्पिक रूप से, प्रतिवादियों ने यह प्रदर्शित नहीं किया है कि परिस्थितियां बदली हैं जिससे कि ईए के फैसले में किसी भी बदलाव को सही ठहराया जा सके।"
इसमें कहा गया कि कंपनी कानूनी सलाह और कानून में उपलब्ध उपायों के आधार पर भविष्य की कार्रवाई के बारे में फैसला करेगी।
गौरतलब है कि फ्यूचर द्वारा रिलायंस इंडस्ट्रीज की खुदरा शाखा को उसके खुदरा, थोक, रसद और वेयरहाउसिंग संपत्तियों की 24,713 करोड़ रुपये की बिक्री को रोकने की कोशिश कर रही अमेजन का आरोप है कि रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (आरआरवीएल) और फ्यूचर के बीच यह सौदा, 2019 में किशोर बियानी के नेतृत्व वाली कंपनी के साथ हुए उसके खुद के करार का उल्लंघन करता है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)