देश की खबरें | कृष्ण जन्मभूमि मामले में आदेश वापस लेने की अर्जी खारिज

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मथुरा स्थित कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मामले में 11 जनवरी, 2024 के आदेश को वापस लेने की मुस्लिम पक्ष की अर्जी इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बुधवार को खारिज कर दी।

प्रयागराज, 23 अक्टूबर मथुरा स्थित कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मामले में 11 जनवरी, 2024 के आदेश को वापस लेने की मुस्लिम पक्ष की अर्जी इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बुधवार को खारिज कर दी।

उच्च न्यायालय ने 11 जनवरी, 2024 के अपने निर्णय में हिंदू पक्षों द्वारा दायर सभी मुकदमों को एकसाथ कर दिया था।

मुस्लिम पक्ष की तरफ से पेश हुईं उच्चतम न्यायालय की अधिवक्ता तसनीम अहमदी ने दलील दी थी कि सभी मामलों को एकसाथ किये जाने से वे सभी मामलों का विरोध करने के अधिकार से वंचित हो जाएंगे।

उन्होंने यह दलील भी दी थी कि यह समयपूर्व अवस्था है तथा मुद्दे तय किए जाने और साक्ष्य एकत्र किए जाने से पूर्व मुकदमों को एकसाथ नहीं किया जाना चाहिए।

मुस्लिम पक्ष के इस आवेदन का विरोध करते हुए हिंदू पक्ष की तरफ से दलील दी गई थी कि एक बार अदालत ने विचार कर लिया कि राहत समान है, संपत्ति समान है और प्रतिवादी समान हैं तो इन मुकदमों को एकसाथ करना अदालत के अधिकार क्षेत्र में है एवं किसी भी पक्ष को इसे चुनौती देने का अधिकार नहीं है।

हिंदू पक्ष की ओर से यह भी कहा गया कि इस तरह की आपत्तियों का उद्देश्य सुनवाई को लटकाना है। अदालत ने एक अगस्त, 2024 के आदेश में मुद्दे तय करने को कहा था, लेकिन आज की तिथि तक कोई भी मुद्दा तय नहीं हुआ है और अदालत केवल आवेदनों पर सुनवाई कर रही है।

हिंदू पक्ष के वकील हरिशंकर जैन ने कहा था कि मुकदमों को एकसाथ करना इस अदालत का विवेकाधिकार है और इसे किसी व्यक्ति द्वारा बदला नहीं जा सकता।

न्यायमूर्ति मयंक कुमार जैन इन सभी 18 मुकदमों की सुनवाई कर रहे हैं।

इससे पूर्व, एक अगस्त, 2024 को न्यायमूर्ति जैन ने हिंदू पक्षों द्वारा दायर इन मुकदमों की पोषणीयता (सुनवाई योग्य) को चुनौती देने वाली मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज कर दी थी।

उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा था कि ये मुकदमे समय सीमा, वक्फ अधिनियम और पूजा स्थल अधिनियम, 1991 से बाधित नहीं हैं। पूजा स्थल अधिनियम किसी भी धार्मिक ढांचे, जो 15 अगस्त, 1947 को मौजूद था, को परिवर्तित करने से रोकता है।

हिंदू पक्ष ने शाही ईदगाह मस्जिद का ढांचा हटाने के बाद जमीन का कब्जा लेने और मंदिर बहाल करने के लिए 18 मुकदमे दाखिल किए हैं।

यह विवाद मथुरा में मुगल सम्राट औरंगजेब के समय की शाही ईदगाह मस्जिद से जुड़ा है जिसे कथित तौर पर भगवान कृष्ण के जन्मस्थान पर एक मंदिर को ध्वस्त करने के बाद बनाया गया है।

अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई की तिथि छह नवंबर तय की।

राजेंद्र

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

RCB vs GT, IPL 2026 34th Match Key Players To Watch Out: आज रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनाम गुजरात टाइटंस के बीच होगा हाईवोल्टेज मुकाबला, इन स्टार खिलाड़ियों पर रहेंगी सबकी निगाहें

RCB vs GT, IPL 2026 34th Match Stats And Preview: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनाम गुजरात टाइटंस मुकाबले के बीच आज होगा रोमांचक मुकाबला, आज के मैच में बन सकते हैं ये अनोखे रिकॉर्ड

VIDEO: राघव चड्ढा समेत अन्य 7 सांसदों की बगावत के बाद AAP में हड़कंप, संजय सिंह ने BJP के ‘मिशन लोटस’ का बताया हिस्सा, PM मोदी-शाह पर भी साधा निशाना

RCB vs GT, IPL 2026 34th Match Winner Prediction: एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में आज रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच खेला जाएगा रोमांचक मुकाबला, मैच से पहले जानें कौनसी टीम मार सकती हैं बाजी