विदेश की खबरें | अपीलीय अदालत ने ईरानी-ब्रिटिश महिला की एक और साल की सजा को बरकरार रखा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. करमानी ने बताया कि उनकी मुवक्किल नाजनीन जागरी रैटक्लिफ पहले ही ईरान में पांच साल जेल की सजा काट चुकी हैं। उन्होंने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि अपीलीय अदालत ने इस साल के शुरू में सुनाई गई एक और साल की सजा को बरकरार रखा है।
करमानी ने बताया कि उनकी मुवक्किल नाजनीन जागरी रैटक्लिफ पहले ही ईरान में पांच साल जेल की सजा काट चुकी हैं। उन्होंने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि अपीलीय अदालत ने इस साल के शुरू में सुनाई गई एक और साल की सजा को बरकरार रखा है।
उन्होंने बताया कि फैसले के मुताबिक नाजनीन एक साल अतिरिक्त कैद की सजा पूरी करने के बाद एक और साल तक ईरान नहीं छोड़ सकती हैं। इसका अभिप्राय है कि वह दो साल तक परिवार से नहीं मिल सकेंगी।
उल्लेखनीय है कि नाजनीन ने वर्ष 2009 में लंदन स्थित ईरानी दूतावास के सामने प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। इस साल अप्रैल में ईरानी अदालत ने उन्हें उस दौरान कथित तौर पर ‘‘व्यवस्था के खिलाफ दुष्प्रचार’ करने के आरोप में सजा सुनाई थी।
करमानी ने बताया कि नाजनीन को जब अपीलीय अदालत के फैसले की जानकारी दी गई तो वह ‘‘चिंतित’ हो गई। उन्होंने बताया कि उनकी मुवक्किल अपने परिवार के संपर्क में है।
ईरान की सरकारी मीडिया ने तत्काल इस सजा की जानकारी नहीं दी है। माना जा रहा है कि पूरे मामले की बंद कमरे में सुनवाई हुई।
नाजनीन को ईरान की सरकार का तख्तापलट करने की साजिश करने का दोषी ठहराते हुए पांच साल कैद की सजा सुनाई गई थी, जिसका खंडन उनके समर्थकों और मानवाधिकार संगठनों ने किया है।
नाजनीन थॉम्सन रॉयटर्स फाउंडेशन की कर्मचारी हैं और अप्रैल 2016 में जब वह अपने परिवार से मिलकर ब्रिटेन लौट रही थीं तब उन्हें तेहरान हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया गया था।
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