जरुरी जानकारी | एपीएल मशीनरी ने पेश किए पराबैंगनी किरण आधारित विषाणु नाशक उपकरण पेश किए

नयी दिल्ली, 29 मई कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए फरीदाबाद की फर्म एपीएल मशीनरी ने आईआईटी दिल्ली के विशेषज्ञ की मदद से पराबैंगनी किरणों पर आधारित विषाणु नाशक उपकरण (अल्ट्रावायलेट-सी डिसइंफैक्टेंट) पेश किए है। विभिन्न आकार के यह उपकरण घरों, दफ्तरों और मेट्रो एवं हवाईअड्डों जैसे स्थान पर उपयोग किए जा सकते हैं।

कंपनी ने शुक्रवार को एक वेबिनार के माध्यम से ये उपकरण पेश किए। ये पूरी तरह से भारत में निर्मित हैं।कंपनी के प्रंबध निदेशक सी. पी. पॉल ने कहा कि ये उपकरण वायरसों और विषाणुओं को रसायन मुक्त तरीके से नियंत्रित करने में उपयोगी हैं। इन्हें चलाना आसान है और इन पर बार-बार का कोई खर्च भी नहीं आता।

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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-दिल्ली के प्रोफेसर डॉक्टर हरपाल सिंह ने कहा कि हवाईअड्डों, रेलवे स्टेशनों और मेट्रो परिसरों में जरूरत पड़ने पर यूवी-सी डिसइंफैक्टेंट कन्वेयर को एक्सरे मशीन के साथ अलग से जोड़ा जा सकता है।

सिंह ने कंपनी को इन उपकरणों के विकास में मदद की है।

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अल्ट्रावायलेट-सी (यूवी-सी) एक उपयोगी तकनीक है जो पराबैंगनी प्रकाश का ही एक रूप है। इस प्रौद्योगिकी का उपयोग पानी, खाद्य सामग्री, वायु और अन्य तरल पदार्थों में हानिकारक सूक्ष्मजीवों को नष्ट करने में किया जाता है।

कंपनी ने इस श्रेणी में पांच उत्पाद यूवी-सी बॉक्स, यूवी-सी चैंबर, यूवी-सी हैंडहेल्ड डिसइंफैक्टेंट, यूवी-सी डिसइंफैक्टेंट कन्वेयर और यूवी-सी ब्लास्टर पेश किए हैं। इन्हें आकार के हिसाब से घरों से लेकर सार्वजनिक स्थानों तक में उपयोग किया जा सकता है।

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