देश की खबरें | एंटीलिया बम मामला: उच्च न्यायालय ने प्रदीप शर्मा की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा

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नयी दिल्ली, 21 अगस्त उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को मुंबई पुलिस के पूर्व अधिकारी प्रदीप शर्मा की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया। एंटीलिया बम धमकी मामला और कारोबारी मनसुख हिरन के सिलसिले में शर्मा को गिरफ्तार किया गया था।

दक्षिण मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास 'एंटीलिया' के पास 25 फरवरी, 2021 को विस्फोटकों से भरा एक वाहन (एसयूवी) मिला था। वाहन के मालिक व्यवसायी हिरन को पांच मार्च, 2021 को पड़ोसी ठाणे में एक खाड़ी जल क्षेत्र में मृत पाया गया था।

शर्मा के वकील ने कहा कि उनके खिलाफ एकमात्र आरोप यह है कि उन्होंने हिरन को खत्म करने में अपने पूर्व सहयोगी सचिन वाजे की मदद की थी।

दया नायक, विजय सालस्कर और रवींद्रनाथ आंग्रे के साथ शर्मा मुंबई पुलिस के उस मुठभेड़ दस्ते के सदस्य थे, जिसने कई मुठभेड़ों में 300 से अधिक अपराधियों को मार गिराया था।

सालस्कर की 26/11 के मुंबई आतंकी हमले के दौरान मौत हो गई थी। बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे एंटीलिया के पास बम रखवाने के मामले और हिरन की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी है।

न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा की पीठ ने शर्मा की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी और राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसी (एनआईए) की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलीसिटर जनरल एसवी राजू की दलीलों को सुना। इस मामले की जांच एनआईए कर रही है।

रोहतगी ने दलील दी कि शर्मा एक सम्मानित पुलिस अधिकारी थे जो 37 साल की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए।

इसके पहले 24 जुलाई को शीर्ष अदालत ने शर्मा की अंतरिम जमानत अवधि को दो हफ्ते के लिए बढ़ा दिया था क्योंकि उनकी पत्नी की सर्जरी होनी थी।

शर्मा को इस मामले में वर्ष 2021 में गिरफ्तार किया गया था।

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