जरुरी जानकारी | स्टार्टअप के लिये 1,000 करोड़ रुपये के शुरुआती पूंजी कोष की घोषणा, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. देश में आधुनिक तकनीक वाले नये उद्यमों और नवोन्मेष को बढ़ावा देने के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 1,000 करोड़ रुपये के ‘स्टार्ट-अप इंडिया सीड फंड’ की शुरुआत की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और लोगों के जीवन में सुधार आयेगा।

नयी दिल्ली, 16 जनवरी देश में आधुनिक तकनीक वाले नये उद्यमों और नवोन्मेष को बढ़ावा देने के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 1,000 करोड़ रुपये के ‘स्टार्ट-अप इंडिया सीड फंड’ की शुरुआत की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और लोगों के जीवन में सुधार आयेगा।

मोदी ने वीडियो कन्फ्रेंसिंग के जरिये ‘‘प्रारम्भ: स्टार्ट- अप भारत अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन’’ को संबोधित करते कहा कि देश में स्टार्टअप के लिये पूंजी की कमी नहीं हो इसके लिये कई कदम उठाये जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मैं आज इस कार्यक्रम में एक और महत्वपूर्ण घोषणा कर रहा हूं। स्टार्टअप को शुरुआती पूंजी उपलब्ध कराने के वास्ते राष्ट्र आज 1,000 करोड़ रुपये के स्टार्टअप इंडिया सीड फंड की शुरुआत कर रहा है। इससे नये स्टार्टअप शुरू करने और उनकी वृद्धि को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।’’

यह सम्मेलन देश में स्टार्ट-अप इंडिया अभियान के पांच साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री ने 2016 में इसी दिन इस अभियान की शुरुआत की थी। सम्मेलन में बिमस्टेक सदस्य देशों की भी भागीदारी रही। बिमस्टेक बंगाल की खाड़ी क्षेत्र के देशों में बहुक्षेत्रीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग की पहल वाला क्षेत्रीय संगठन है। इसमें भारत के अलावा बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाइलैंड को मिलाकर सात देश शामिल हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार स्टार्ट-अप के लिये इक्विटी पूंजी जुटाने में मदद के वास्ते कोषों के कोष की योजना को पहले ही अमल में ला चुकी है। इसके साथ ही आने वाले दिनों में सरकार स्टार्ट-अप को गारंटी के जरिये कोष जुटाने में भी मदद करने वाली है।

मोदी ने कहा कि आज स्टार्ट-अप के मामले में भारत दुनिया का तीसरा बड़ा देश बन गया है। भारत ने इस दौरान कई उभरते उद्यमियों को आगे बढ़ने में मदद की गई। नवोन्मेषी प्रौद्योगिकी के साथ ये उद्यमी आगे बढ़े और इनमें कई बड़ी कंपनी बन चुके हैं।

उन्होंने कहा कि भारत में स्टार्ट-अप केवल बड़े शहरों तक ही सीमित नहीं है बल्कि नये उभरते 40 प्रतिशत स्टार्ट-अप देश के दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों से सामने आ रहे हैं। भारत स्टार्टअप पारिस्थितिकी के मामले में ‘‘युवा का, युवा द्वारा, युवाओं के लिये’’ के मंत्र पर काम कर रहा है। ‘‘हमें अगले पांच साल के लिये अपने लक्ष्य तय करने चाहिये और ये लक्ष्य यह होने चाहिये कि हमारे स्टार्टअप, हमारे यूनिकार्नस वैश्विक ताकतों के रूप में उभरे और भविष्य की प्रौद्योगिकियों के मामले में आगे हों।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 में केवल चार स्टार्ट-अप ही यूनिकॉर्न क्लब में शामिल थे लेकिन आज 30 से अधिक भारतीय स्टार्ट-अप यूनिकॉर्न क्लब के सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में 2020 में ही 11 भारतीय स्टार्ट-अप यूनिकॉर्न क्लब में शामिल हुये हैं। देश में इस समय 41,000 से अधिक स्टार्ट-अप काम कर रहे हैं। इनमें से 5,700 से अधिक सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हैं, वहीं 3,600 से अधिक स्वास्थ्य क्षेत्र में और 1,700 के करीब स्टाटर्अप कृषि क्षेत्र में काम कर रहे हैं।

ऐसा स्टार्टअप जिसका मूल्यांकन एक अरब डालर तक पहुंच जाता है, वह यूनिकार्न कहलाता है।

उन्होंने कहा कि 44 प्रतिशत स्टार्ट-अप ऐसे भी है जिनमें महिलायें मुख्य भूमिका में हैं। उनमें काम करने वालों का बड़ा हिस्सा महिलाओं का है। स्टार्ट-अप ने एक ही परिपाटी पर चलते रहने की सोच को बदला है। उन्होंने हर क्षेत्र में विविधता लाने की पहल की है।

मोदी ने कहा कि अकेले 2020 में ही जब दुनिया कोरोना वायरस से जूझ रही थी देश के 11 स्टार्टअप ‘यूनिकार्न क्लब’ में पहुंचे। उन्होंने संकट के इस काल में देश की आत्मनिर्भरता में योगदान दिया। उन्होंने सेनेटाइजर उपलब्ध कराने, पीपीई किट और दूसरी जरूरतों की आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कोरोना काल में राशन, दवा लोगों के दरवाजे तक पहुंचाने में भी उन्होंने मदद की। अग्रिम मोर्चे पर रहकर काम करने वालों के लिये परिवहन की व्यवस्था और यहां तक कि पढ़ाई लिखाई की सामग्री उपलब्ध कराने में भी स्टार्टअप सामने आये। यानि कठिन समय में भी उनहोंने अवसर को तलाशा।

इस अवसर पर उन्होंने डिजिटल भुगतान क्षेत्र में देश की प्रगति की भी बात की। उन्होंने कहा कि भीम यूपीआई ने भुगतान प्रणाली में क्रांति ला दी है। अकेले दिसंबर 2020 में ही चार लाख करोड़ रुपये से अधिक लेनदेन इस प्रणाली के जरिये किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार के खरीद पोर्टल जीईएम पर स्टार्टअप को बड़े व्यवसायों के समान अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। अब तक 8,000 के करीब स्टाअर्अप जीईएम पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं और उनहोंने 2,300 करोड़ रुपये का कारोबार किया। सरकार के जीईएम पोर्टल पर कुल कारोबार 80 हजार करोड़ रुपये को छू रहा है।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर बिमस्टेक (बे आफ बंगाल इनिशिएटिव ऑफ मल्टी सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकनॉमिक को-ऑपरेशन) देशों के स्टार्ट-अप से उनकी उपलब्धियों को सुना। देश के अंदर से जहां चेन्नई, एर्नाकुलम, भोपाल, गाजियाबाद, सोनीपत और दिल्ली के उदीयमान उद्यमियों ने उन्हें अपने कारोबार के बारे में बताया, वहीं मोदी ने बांग्लादेश, भूटान, म्यामां, नेपाल और थाइलैंड के स्टार्ट-अप उद्यमियों की उपलब्धियों के बारे में भी सुना और उन्हें सराहा।

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