अमरावती, 28 अक्टूबर आंध्र प्रदेश मंत्रिमंडल ने बृहस्पतिवार को तय किया कि वह 2021 की सामान्य जनगणना के साथ राज्य में पिछड़ा वर्ग (बीसी) की जाति आधारित जनगणना कराने के लिए केन्द्र से अनुरोध करते हुए विधानसभा में प्रस्ताव पारित करेगा।
मुख्यमंत्री वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में जाति आधारित जनगणना सहित कई मुख्य मुद्दों पर फैसले किए गए। इसमें ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म और आर्थिक रूप से कमजोर तबका (ईडब्ल्यूएस) कल्याण विभाग के गठन की भी फैसला लिया गया।
राज्य के मंत्री पेरनी वेंकटरमैया (नानी) ने कहा, ‘‘पिछली (जाति आधारित) जनगणना स्वतंत्रता से पहले 1931 में हुई थी। उसके बाद अभी तक जाति आधारित कोई जनगणना नहीं हुई। यह (प्रस्ताव) कदम सुनिश्चित करेगा कि पिछड़ा वर्ग को उनका पूरा हक मिले और कल्याण हो। प्रस्ताव विधानसभा में पारित किया जाएगा और उसे केन्द्र को भेजा जाएगा। मंत्रिमंडल ने आंध्र प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण मामलों के मंत्री को इस संबंध में सदन में उचित प्रस्ताव पेश करने का अधिकार दिया है।’’
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य मेडिकल और स्वास्थ्य सेवा विभाग की 41,000 रिक्तियां भरना था और पिछले ढाई साल में वह 26,917 पदों पर भर्ती कर चुकी है और बाकी रिक्तियां भी जल्दी ही भरी जाएंगी।
उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल ने माओवादी और ऐसे अन्य संगठनों के खिलाफ प्रतिबंध को और एक साल के लिए बढ़ा दिया है।
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