देश की खबरें | आंध्र प्रदेश: जगन की तिरुमला यात्रा से सियासी पारा बढ़ने की संभावना
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी की आंध्र प्रदेश के तिरुमला में स्थित भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में शनिवार को पूजा-अर्चना करने की योजना से सियासी पारा बढ़ने की संभावना है। दरअसल, सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) पूर्व मुख्यमंत्री से मंदिर में प्रवेश करने से पहले अपनी आस्था साबित करने की मांग पर अड़ा हुआ है।
अमरावती, 26 सितंबर युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी की आंध्र प्रदेश के तिरुमला में स्थित भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में शनिवार को पूजा-अर्चना करने की योजना से सियासी पारा बढ़ने की संभावना है। दरअसल, सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) पूर्व मुख्यमंत्री से मंदिर में प्रवेश करने से पहले अपनी आस्था साबित करने की मांग पर अड़ा हुआ है।
नियमों के अनुसार, विदेशियों और गैर-हिंदुओं को मंदिर में भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन करने से पहले भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा साबित करनी चाहिए।
जगन ने कहा था कि तिरुपति के लड्डुओं को लेकर मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने उनके ऊपर आरोप लगाकर कथित रूप से जो ‘पाप’ किया है, उसका प्रायश्चित करने के लिए वह पार्टी द्वारा बुलाए गए राज्यव्यापी मंदिर अनुष्ठानों के हिस्से के रूप में मंदिर का दौरा करेंगे।
रेड्डी की अपील नायडू द्वारा लगाए गए उस आरोप के कुछ दिनों बाद आई है जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि पिछली वाईएसआरसीपी सरकार ने तिरुपति के श्री वेंकटेश्वर मंदिर में लड्डू बनाने के लिए घटिया सामग्री और पशु वसा का इस्तेमाल किया था।
नायडू के आरोपों ने देशभर में विवाद को जन्म दे दिया।
भाजपा की राज्य इकाई ने रेड्डी की मंदिर में जाने की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए बृहस्पतिवार को उनसे (जगनमोहन रेड्डी को) मंदिर में प्रवेश करने से पहले अपनी आस्था साबित करने की मांग की। भाजपा की आंध्र प्रदेश इकाई के नेता एल दिनाकर ने कहा कि रेड्डी को अपनी पसंद के धर्म का पालन करने का संवैधानिक अधिकार है लेकिन उन्हें अन्य धर्मों के रीति-रिवाजों, परंपराओं और नियमों का सम्मान करना चाहिए।
दिनाकर ने ‘पीटीआई-’ से कहा, “वह (जगन मोहन रेड्डी) हिंदू मंदिरों में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें हिंदू मंदिरों की व्यवस्था और प्रथाओं का पालन करना चाहिए, अन्यथा वह देवस्थानम (तिरुमाला मंदिर) में प्रवेश करने के लिए अयोग्य हैं।”
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)