मिल्टन केन्स (ब्रिटेन), 18 जून (द कन्वरसेशन) ‘एन्सेलाडस’ शनि ग्रह का एक छोटा चंद्रमा है, ऐसा जान पड़ता है कि इसके पास जीवन के लिए आवश्यक एक तत्व भी मौजूद है। इसकी बर्फीली सतह जटिल रूप से चल रही भूगर्भीय प्रक्रियाओं द्वारा तराशी गई है।
इसके बर्फीले खोल के नीचे एक तरल महासागर है, जहां, रासायन युक्त गर्म पानी समुद्र के तल पर चट्टानी कोर से रिसता है और जो संभावित रूप से सूक्ष्मजीवों के जीवन के लिए पोषण प्रदान करता है।
पत्रिका ‘नेचर’ में प्रकाशित एक नए अध्ययन में इससे जुड़े और सबूत सामने आए हैं। पहला प्रमाण ये है कि ‘एन्सेलाडस’ के महासागर में फॉस्फोरस है, जो जीवन के लिए आवश्यक तत्व है।
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ‘नासा’ और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) द्वारा वर्ष 2004-17 में शनि की कक्षा में संचालित ‘कैसिनी’ अंतरिक्ष यान को दरारों से बर्फ के कणों के गुच्छे निकलते हुए मिले।
इन गुच्छों से ‘एन्सेलाडस’ के आंतरिक महासागर के नमूने मिले, जिन्हें कैसिनी द्वारा विश्लेषण के लिए एकत्र किया गया था। यह ऐसा कार्य रहा, जिसका अभियान के दौरान अनुमान भी नहीं लगाया गया था।
बर्फ के गुच्छों के माध्यम से विश्लेषण किए गए कणों ने प्रदर्शित किया कि बर्फ में सरल कार्बनिक अणुओं के साथ-साथ आणविक हाइड्रोजन और सिलिका के छोटे कणों की मौजूदगी है।
इन सभी की एक साथ मौजूदगी, ये इंगित करती है कि पानी और गर्म चट्टान के बीच रासायनिक प्रतिक्रियाएं समुद्र तल पर हुईं, जो संभवतः पृथ्वी पर होने वाली समान प्रतिक्रिया जैसी है।
यह महत्वपूर्ण है। इसका अर्थ है कि ‘एन्सेलाडस’ में सूक्ष्मजीवों के लिए खुद को जीवित रखने के वास्ते (सूर्य के प्रकाश की अनुपस्थिति में) सभी सामग्रियां हैं। वास्तव में यह कुछ ऐसा है, जिसके बारे में माना जाता है कि इसने पृथ्वी पर जीवन की शुरुआत में मदद की है। अगर यह पृथ्वी पर हुआ है, तो एन्सेलाडस पर भी हो सकता है।
छूटी कड़ी
पृथ्वी पर जीवन के लिए छह आवश्यक तत्वों - कार्बन, हाइड्रोजन, नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, फॉस्फोरस और सल्फर - की आवश्यकता होती है।
इन छह आवश्यक तत्वों में से पांच कई साल पहले ‘एन्सेलाडस’ के नमूनों में पाए गए थे, लेकिन फॉस्फोरस कभी नहीं मिला था।
फॉस्फोरस एक महत्वपूर्ण घटक है, क्योंकि फॉस्फेट समूहों (फॉस्फोरस और ऑक्सीजन) के लिए इसकी आवश्यकता होती है, जो डीएनए और आरएनए जैसे न्यूक्लिक एसिड की लंबी श्रृंखलाओं को जोड़ते हैं और जो आनुवंशिक जानकारी संग्रहीत करते हैं। यह कोशिकाओं को ‘एडेनोसाइड फॉस्फेट’ (एटीपी) जैसे अणुओं के माध्यम से ऊर्जा के भंडारण की भी अनुमति देता है।
बेशक, हम निश्चित रूप से नहीं जानते हैं कि एन्सेलाडस के अंदर (यदि इस पर जीवन है) जीवन के लिए न्यूक्लिक एसिड या एटीपी का उपयोग करना आश्वयक तथ्य है। जैसा कि हम जानते हैं कि जीवन के लिए फॉस्फोरस की उपस्थिति आवश्यक है, ऐसे में यह एन्सेलाडस पर जीवन की संभावना को प्रबल करता है क्योंकि वहां पर्याप्त फॉस्फोरस उपलब्ध है।
(द कन्वरसेशन)
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