विदेश की खबरें | ईरान की जवाबी कार्रवाई की आशंका के बीच अमेरिका ने युद्धपोत पश्चिम एशिया भेजे

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. नौसेना ने विध्वंसक पोत यूएसएस थॉमस हडनर को पूर्वी भूमध्य सागर की ओर बढ़ने का निर्देश दिया है तथा दूसरे विध्वंसक पोत को भी आगे बढ़ने का निर्देश दिया गया है, ताकि व्हाइट हाउस द्वारा अनुरोध किए जाने पर वे उपलब्ध हो सकें।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

नौसेना ने विध्वंसक पोत यूएसएस थॉमस हडनर को पूर्वी भूमध्य सागर की ओर बढ़ने का निर्देश दिया है तथा दूसरे विध्वंसक पोत को भी आगे बढ़ने का निर्देश दिया गया है, ताकि व्हाइट हाउस द्वारा अनुरोध किए जाने पर वे उपलब्ध हो सकें।

एक अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप स्थिति पर चर्चा करने के लिए अपने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुखों के साथ बैठक कर रहे हैं। दोनों अमेरिकी अधिकारियों ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर यह जानकारी दी क्योंकि अब तक इस जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया गया है।

क्षेत्र में सेनाएं कई दिनों से एहतियाती कदम उठा रही हैं, जिनमें सैनिकों के आश्रितों को स्वेच्छा से क्षेत्रीय सैन्य अड्डों से वापस बुलाना शामिल है, ताकि हमल होने और ईरान की ओर से बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई किये जाने की सूरत में उन कर्मियों की सुरक्षा की जा सके।

पश्चिम एशिया में आम तौर पर करीब 30,000 अमेरिकी सैनिक तैनात रहते हैं। हालांकि, पिछले साल अक्टूबर से इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव और यमन में ईरान समर्थित हुतियों द्वारा लाल सागर में वाणिज्यिक और सैन्य जहाजों पर लगातार हमलों के बीच यह संख्या बढ़कर 43,000 तक पहुंच गई।

हडनर एक अर्ले बर्क श्रेणी का विध्वंसक है जो बैलिस्टिक मिसाइलों से बचाव करने में सक्षम है।

अमेरिकी नौसेना के विध्वंसक जहाजों ने एक अक्टूबर, 2024 को ईरान द्वारा 200 से अधिक मिसाइलें इजराइल पर दागे जाने के बाद यूहदी देश की की रक्षा करने के लिए कई मिसाइल रोधी हथियार दागे थे।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

\