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जरुरी जानकारी | विदेशों में गिरावट के बीच अधिकांश तेल-तिलहनों के भाव टूटे

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जरुरी जानकारी | विदेशों में गिरावट के बीच अधिकांश तेल-तिलहनों के भाव टूटे

नयी दिल्ली, सात सितंबर विदेशी बाजारों में गिरावट के रुख तथा आयातित तेलों के भाव टूटने से दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बुधवार को बिनौला तेल कीमतों को छोड़कर बाकी लगभग सभी तेल- तिलहनों के भाव गिरावट के साथ बंद हुए।

बाजार सूत्रों ने कहा कि शिकॉगो एक्सचेंज में कल रात 4.5 प्रतिशत की गिरावट आई थी और फिलहाल इसमें एक प्रतिशत की गिरावट है। जबकि मलेशिया एक्सचेंज में 2.5 प्रतिशत की गिरावट है। आयातित खाद्य तेलों के भाव टूटने से लगभग सभी स्थानीय तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट आई।

सूत्रों ने कहा कि पंजाब और हरियाणा की मंडियों में बिनौला फसल आना शुरू होने से बिनौला तेल कीमतें पूर्ववत बनी रहीं। अब जल्द ही मंडियों में मूंगफली और सोयाबीन की फसलें भी आ जायेगी। सूत्रों ने कहा कि इस बार राजस्थान और गुजरात में मूंगफली की फसल अच्छी है और नयी फसल आने के बाद 15-20 दिन में मूंगफली के भाव भी टूटने के आसार हैं।

बाजार सूत्रों ने कहा कि तेल-तिलहन बाजार टूटने से तेल उद्योग, तेल आयातक और सोयाबीन के कारोबारियों की हालत पस्त है। सूत्रों ने कहा कि तेल आयातकों द्वारा बैकों से लिया गया हजारों करोड़ रुपये का कर्ज का डूबना लगभग तय है। आयातकों को बैंक ऋण का ब्याज और माल रखने का किराया अलग से भरने का भी बोझ उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले साल के मुकाबले सोयाबीन दाने के भाव लगभग आधे रह गये हैं।

सूत्रों ने कहा कि पिछले साल का सरसों बाजार में नहीं खप पाया। इस बार भी भारी मात्रा में सरसों का रिफाइंड बनाये जाने के बावजूद यह पूरी तरह नहीं खप पाया है, तो आयातित तेलों के भाव बुरी तरह टूटे हुए हैं। दूसरी बात यह की तेल-तिलहन कीमतों में भारी गिरावट के बावजूद तेल कंपनियों के एमआरपी ऊंचे बने हुए हैं।

सूत्रों ने कहा कि अगर हालात यही रहे तो आगे जाकर खाद्य तेलों के मामले में आत्मनिर्भर होने के बजाय देश की आयात पर निर्भरता बढ़ती जायेगी।

सूत्रों ने कहा कि बिनौला की छिटपुट मांग के बीच नयी फसल की आवक शुरू होने से बिनौला तेल के भाव जस के तस बने रहे। गिरावट के आम रुख के बीच मांग कमजोर होने से सरसों, मूंगफली, सोयाबीन तेल-तिलहन, पामोलीन, सीपीओ के भाव भी हानि के साथ बंद हुए।

सूत्रों ने कहा कि वैश्विक बाजारों में खाद्य तेलों के दाम लगातार नीचे आने के बाद सरकार को तेल उद्योग और संबंधित अंशधारकों की बैठक बुलाकर उन्हें कीमतों को नीचे लाने की हिदायत देनी चाहिये।

बुधवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 6,725-6,775 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 6895-7060 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,800 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली सॉल्वेंट रिफाइंड तेल 2,660 - 2,850 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 13,400 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,130-2,220 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,160-2,275 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 17,000-18,500 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 12,500 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 12,350 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 10,900 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 8,700 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 12,000 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 10,500 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 9,000 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 5,250-5,350 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज 5,200- 5,300 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का) 4,010 रुपये प्रति क्विंटल।

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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 07, 2022 06:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).