देश की खबरें | श्रेय लेने की होड़ के बीच, नागरिक एजेंसियों ने दिल्ली को जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए किया तैयार

नयी दिल्ली, सात सितंबर दिल्ली में इस सप्ताहांत में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए शहर को सजाने का श्रेय लेने की होड़ के बीच नागरिक एजेंसियां इस वृहद आयोजन के लिए राष्ट्रीय राजधानी के सौंदर्यीकरण के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रही हैं।

फव्वारों से लेकर मूर्तियां लगाने, फूलों की सजावट से लेकर झंडों से शहर को सजाने के काम को नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी), लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) अपने-अपने स्तर पर और अपने अपने क्षेत्र में प्रयास कर रहे हैं।

लोक निर्माण विभाग ने सड़क के हिस्सों को यूरोपीय मानकों के अनुरूप तैयार किया है।

पीडब्ल्यूडी मंत्री आतिशी ने बताया था कि नए सिरे से डिज़ाइन किये गए सड़क इन हिस्सों में हवाई अड्डे से मध्य दिल्ली तक रिंग रोड का एक क्षेत्र, अरबिंदो मार्ग, विकास मार्ग, लोधी रोड और राजघाट शामिल हैं।

आतिशी ने कहा, ‘‘कुल मिलाकर, जी-20 (शिखर सम्मेलन) के लिए प्रमुख क्षेत्रों में 10 नयी सड़कें बनाई गई हैं, जिनमें भैरों मार्ग, पुराना किला रोड, उलान बटार मार्ग, मथुरा रोड, महरौली बदरपुर रोड, जेबी टीटो मार्ग, रिंग रोड पर आईपी फ्लाईओवर से लेकर हनुमान सेतु क्षेत्र, मॉल रोड से किंग्सवे कैंप क्षेत्र, नेताजी सुभाष चंद्र मार्ग और रिंग रोड पर आईपी फ्लाईओवर से भैरों मार्ग से तक की सड़क शामिल है।’’

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा सड़क विकास के अलावा व्यापक सौंदर्यीकरण का कार्य भी किया गया है। उन्होंने बताया कि इनमें लोक निर्माण विभाग की सड़कों पर 31 मूर्तियां और 90 फव्वारे लगाना, 1.65 लाख पौधे लगाना और सजावटी प्रकाश व्यवस्था करना शामिल है।

अधिकारियों के मुताबिक इन कलाकृतियों में दिल्ली गेट पर एक कोणार्क चक्र, रिंग रोड पर गुलाब वाटिका के पास वाई-पॉइंट पर एक नृत्य करती हुई मूर्ति और हनुमान मंदिर चौक पर आठ फुट ऊंची अप्सरा की मूर्तियां शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग ने 23 फ्लाईओवरों का भी सौंदर्यीकरण किया गया है, जिनमें लोधी रोड, चिराग दिल्ली, आईआईटी, पंचशील और मोती बाग शामिल हैं।

इन कार्यों के लिए कोष आवंटन पर वाकयुद्ध छिड़ने के बीच उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने पिछले हफ्ते ‘पीटीआई-’ के साथ साक्षात्कार में बताया था कि सौंदर्यीकरण पर किया गया खर्च ज्यादा नहीं है और कलाकृतियाँ और फव्वारे कंपनियों ने अपने कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी के तहत उपहार में दिए हैं।

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