विदेश की खबरें | अंतरराष्ट्रीय प्रणाली के दुरुपयोग के लिए चीन को जवाबदेह बनाएगा अमेरिका : ब्लिंकन

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने अपने चीनी समकक्ष यांग जिएची के साथ बातचीत के दौरान शिंजियांग, तिब्बत और हांगकांग में मानवाधिकार उल्लंघन का मामला उठाया और कहा कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय प्रणाली का दुरुपयोग करने के लिए चीन को जवाबदेह बनाएगा।

वाशिंगटन/बीजिंग, छह फरवरी अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने अपने चीनी समकक्ष यांग जिएची के साथ बातचीत के दौरान शिंजियांग, तिब्बत और हांगकांग में मानवाधिकार उल्लंघन का मामला उठाया और कहा कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय प्रणाली का दुरुपयोग करने के लिए चीन को जवाबदेह बनाएगा।

दोनों नेताओं ने शुक्रवार को बात की। जो बाइडन के 20 जनवरी को अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभालने के बाद शीर्ष अधिकारियों की यह पहली बातचीत है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने इस बातचीत की जानकारी देते हुए कहा, ‘‘मंत्री ब्लिकंन ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका शिंजियांग, तिब्बत और हांगकांग समेत हर जगह लोकतांत्रिक मूल्यों एवं मानवाधिकारों के लिए खड़ा रहना जारी रखेगा और उन्होंने चीन पर दबाव बनाया कि वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर बर्मा (म्यांमा) में सैन्य तख्तापलट की निंदा करे।’’

पश्चिमी देश हालिया वर्षों में तिब्बत में मानवाधिकार उल्लंघनों और शिंजियांग में उइगर एवं अन्य अल्पसंख्यकों को हिरासत में रखे जाने के कारण चीन की निंदा करते रहे हैं।

चीन ने हांगकांग में लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनों के बाद नया कानून लागू करके वहां कार्रवाई तेज कर दी है।

प्राइस से बताया कि ब्लिंकन ने बातचीत के दौरान इस बात की पुन: पुष्टि की कि अमेरिका हिंद प्रशांत में स्थिरता को खतरा पहुंचाने के चीन के प्रयासों के लिए उसे जवाबदेह बनाने और अपने साझे मूल्यों एवं हितों की रक्षा करने के लिए अपने सहयोगियों एवं साझेदारों के साथ मिलकर काम करेगा।

ब्लिंकन ने ट्वीट किया, ‘‘बीजिंग में अपने समकक्ष के साथ बातचीत के दौरान मैंने स्पष्ट किया कि अमेरिका अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करेगा, अपने लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए खड़ा होगा और अंतरराष्ट्रीय प्रणाली के दुरुपयोग के लिए बीजिंग को जवाबदेह बनाएगा।’’

चीन लगभग पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपनी सम्प्रभुता का दावा करता है। चीन उस क्षेत्र में कृत्रिम द्वीपों पर सैन्य अड्डे बना रहा है, जहां ब्रुनेई, मलेशिया, फिलीपीन, ताइवान और वियतनाम भी अपना दावा करते हैं।

इस बीच, बीजिंग में चीन की आधिकारिक मीडिया ने बताया कि यांग ने ब्लिंकन से कहा कि ‘‘अमेरिका को अतीत में की गई अपनी गलतियों को सुधारना’’ चाहिए और चीन के साथ मिलकर सम्मान और सहयोग की भावना से काम करना चाहिए ताकि किसी प्रकार का संघर्ष न हो और इस सहयोग से दोनों को लाभ हो। यांग ने ब्लिंकन से सहयोग पर ध्यान केंद्रित करने और मतभेदों को सुलझाने के लिए कहा ताकि द्विपक्षीय संबंध मजबूत एवं स्थायी बने रहें।

शिन्हुआ संवाद समिति ने बताया कि यांग ने कहा कि अमेरिका और चीन के संबंध इस समय अहम मोड़ पर हैं। उन्होंने कहा कि चीन सरकार की अमेरिका के प्रति स्थायी एवं निरंतर नीति है।

यांग ने कहा कि दोनों पक्षों को एक दूसरे के हितों, राजनीतिक प्रणाली के चयन और विकास मार्ग का सम्मान करना चाहिए तथा अपने घरेलू मामलों से अच्छे से निपटना चाहिए।

उन्होंने कहा कि चीन चीनी विशेषताओं के साथ समाजवाद के मार्ग का अटल रहकर पालन करेगा।

यांग ने कहा कि चीन और अमेरिका के संबंधों में विकास से दोनों देशों के लोगों को बहुत लाभ हुआ है और इससे विश्व में शांति एवं समृद्धि को बढ़ावा मिला है।

ब्लिंकन विदेश मंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण करने के बाद दुनिया के विभिन्न हिस्सों में अपने करीब 30 समकक्षों से फोन पर बात कर चुके हैं।

उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से 29 जनवरी को फोन पर बात की थी।

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