जरुरी जानकारी | अमेरिका, चीन के अधिकारी शुल्क पर चर्चा के लिए जिनेवा में मिलेंगे
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. इस बातचीत का मकसद दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार को नुकसान पहुंचाने वाले विवाद को कम करना है। अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर जिनेवा में चीन के अपने समकक्षों से मिलेंगे।
इस बातचीत का मकसद दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार को नुकसान पहुंचाने वाले विवाद को कम करना है। अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर जिनेवा में चीन के अपने समकक्षों से मिलेंगे।
आयात पर उच्च शुल्क लगाने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले के बाद चीन ने भी जवाबी कदम उठाए और दोनों देशों के बीच व्यापार युद्ध जैसी स्थिति बन गई।
ट्रंप के शुल्क लगाने के बाद अप्रैल में चीन ने भी जवाब में अमेरिका पर शुल्क लगाने की घोषणा की थी। अब चीन के खिलाफ अमेरिका का शुल्क 145 प्रतिशत है जबकि अमेरिका पर चीन ने 125 प्रतिशत शुल्क लगा रखा है।
इससे पहले चीन ने कहा था कि वह शुल्क कम करने के लिए वार्ता संबंधी अमेरिकी प्रस्तावों पर विचार कर रहा है। यह कदम संभवतः दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच शुल्क युद्ध को कम कर सकता है।
इसबीच ट्रंप ने शुक्रवार को चीन पर लगे ऊंचे सीमा शुल्क को घटाकर 80 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा। इसे दोनों देशों के बीच छिड़े व्यापार युद्ध को शांत करने वाले कदम के रूप में देखा जा रहा है।
उन्होंने अपने सोशल मीडिया खाते पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा, ''चीन पर 80 प्रतिशत का सीमा शुल्क सही लगता है!''
इसके साथ ही ट्रंप ने चीन से अपने बाजार को अमेरिकी उत्पादों के लिए खोलने का अनुरोध भी किया। उन्होंने कहा, "ऐसा करना उनके लिए काफी अच्छा होगा। बंद बाजार अब काम नहीं करते हैं।"
चीन से आयात पर सीमा शुल्क घटाने का फैसला अमेरिका में उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों व आपूर्ति पर शुल्क के प्रभाव को लेकर बढ़ती चिंता के बीच किया गया है।
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