खरगोन, 24 जनवरी मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को कहा कि इंदौर के महू में डॉ. भीमराव अंबेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
आंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को महू में हुआ था।
यादव ने कहा कि खरगोन में मंत्रिपरिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
एक दिन पहले यादव ने घोषणा की थी कि भोपाल के सबसे लंबे फ्लाईओवर का नाम आंबेडकर के नाम पर रखा जाएगा।
भाजपा के इन फैसलों को 27 जनवरी को महू में आयोजित की जा रही कांग्रेस की ‘जय बापू, जय भीम, जय संविधान’ रैली के जवाब में उठाए गए कदम के रूप में देखा जा रहा है। इस रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ-साथ वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा भी हिस्सा लेने वाले हैं।
मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में यादव ने कहा, ‘‘महू में डॉ. भीमराव आंबेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। विधि संकाय की स्थापना सहित विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है।’’
लोकमाता देवी अहिल्या बाई की 300वीं जयंती के अवसर पर नर्मदा नदी के तट पर स्थित होलकर शासकों की ऐतिहासिक राजधानी महेश्वर में मंत्रिपरिषद की बैठक हुई।
यादव ने देवी अहिल्या बाई और आदिवासी रानी दुर्गावती की प्रशंसा की करते हुए कहा कि दोनों महिला सशक्तिकरण के उल्लेखनीय उदाहरण हैं जिन्होंने सुशासन स्थापित किया और विदेशी आक्रमणकारियों से लड़ाई लड़ी।
एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रवक्ता विराज यादव ने भाजपा को ‘‘एससी और आदिवासी विरोधी पार्टी’’ बताते हुए कहा कि इस तरह के कदमों से भाजपा को कोई मदद नहीं मिलेगी।
एनएसयूआई नेता ने दावा किया, ‘‘अनुसूचित जाति के लोग 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा को सबक सिखाएंगे। राष्ट्रीय अपराध नियंत्रण ब्यूरो के अनुसार मध्य प्रदेश में एससी और एसटी समुदायों के खिलाफ सबसे ज्यादा अपराध की घटनाएं होती हैं। हमारी 27 जनवरी की रैली ऐतिहासिक होगी।’’
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