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देश की खबरें | कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अमरनाथ यात्रा शुरू

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देश की खबरें | कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अमरनाथ यात्रा शुरू

श्रीनगर/ जम्मू/बालटाल, एक जुलाई कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शनिवार को अमरनाथ यात्रा शुरू हो गई। इस दौरान श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और वे बाबा बर्फानी के दर्शन करने को आतुर दिखाई दिये।

अमरनाथ की पवित्र गुफा समुद्र तल से लगभग 3,880 मीटर की ऊंचाई पर हिमालय में स्थित है।

शिविरों में अधिकतर तीर्थयात्रियों ने उत्साह और आशंकाओं के बीच रात जगकर काटी। वहीं, कुछ इसलिए भी जगे रहे क्योंकि एजेंट ने उन्हें फर्जी पंजीकरण पर्ची दे दी थी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को शुरू हुई अमरनाथ यात्रा को हमारी विरासत का दिव्य एवं भव्य स्वरूप बताया है। उन्होंने साथ ही सुरक्षा व्यवस्था का भरोसा दिया।

मोदी ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘श्री अमरनाथ जी की यात्रा हमारी विरासत का दिव्य एवं भव्य स्वरूप है। मेरी कामना है कि बाबा बर्फानी के आशीर्वाद से सभी श्रद्धालुओं के जीवन में नए उत्साह एवं नयी ऊर्जा का संचार हो। साथ ही, अमृतकाल में हमारा देश संकल्प से सिद्धि की ओर तेजी से आगे बढ़े। जय बाबा बर्फानी।’’

यात्रा के पहले दिन मौसम ने आंख मिचौली का खेल खेला लेकिन इससे श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। श्रद्धालु ‘बम बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे लगाते रहे और बूंदाबूंदी से उत्पन्न सिहरन के बीच माहौल में जोश भरते रहे।

मुंबई से आए एक श्रद्धालु ने कहा, ‘‘ भले बारिश हो रही है लेकिन भोले बाबा ने हमें उत्साह का उपहार दिया है और इसके आड़े खराब मौसम नहीं आ रहा है।’’

अमृतसर के एक अन्य श्रद्धालु ने बताया, ‘‘मैं पिछले साल भी आया था। यात्रा को लेकर व्यवस्था अच्छी है, वे सभी तरह से प्रबंधन कर रहे हैं।’’

वार्षिक अमरनाथ यात्रा बालटाल और पहलगाम के रास्ते से शुरू हो गई है। बालटाल मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में स्थित है जबकि पहलगाम दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में है।

बालटाल आधार शिविर में भी सैकड़ों श्रद्धालु सुबह से ही गेट से बाहर जाने को उतावले थे। यहां पर करीब छह हजार श्रद्धालुओं को गांदरबल के उपायुक्त श्यामबीर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने रवाना किया।

मुंबई से आए श्रद्धालु रमण वर्लीकर ने बताया कि वह पिछले कई साल से यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम हर साल बाबा की एक झलक पाने का इंतजार करते हैं। हम इस यात्रा को लेकर बहुत उत्साहित हैं। हम बिना किसी अप्रिय घटना के यात्रा संपन्न होने की प्रार्थना करते हैं।’’

श्रद्धालुओं के जत्थे में साधु, पुरुष, महिला और बच्चे शामिल थे ।

जब श्रद्धालुओं से पूछा गया कि वे बाबा बर्फानी से कुछ विशेष मांगेंगे तो उन्होंने कहा कि वे सभी की समृद्धि और स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘हम जम्मू-कश्मीर और पूरे देश के लिए प्रार्थना करेंगे। हम बाबा से यह भी प्रार्थना करेंगे कि पिछले साल की तरह अचानक बाढ़ की घटना नहीं हो और यात्रा सुचारु तरीके से संपन्न हो।’’

पंजाब से आए श्रद्धालुओं के एक जत्थे ने कहा कि वे बाबा को उनके द्वारा जो दिया गया है उसके लिए धन्यवाद देंगे। उनमें से एक ने कहा, ‘‘मैं कोरोना वायरस की अवधि छोड़ वर्ष 2009 से लगातार आ रहा हूं। यह यात्रा सुचारु रूप से होती है और सभी खुश होकर जाते हैं। बाबा सभी की सुनते हैं। जो एक बार आ जाता है वह बार-बार आता है।’’

अधिकतर श्रद्धालुओं ने श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) और जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्था को बेहतर बताया।

हालांकि, कुछ ने आरोप लगाया है कि आधार शिविर पर पंजीकरण कार्ड प्राप्त करने की प्रक्रिया उम्मीदों के अनुकूल नहीं है।

यह यात्रा जम्मू और कश्मीर की समन्वित संस्कृति का भी दर्शन कराती है जिसमें स्थानीय मुस्लिम अहम भूमिका निभाते हैं।

उपायुक्त श्यामबीर ने कहा कि यात्रा स्थानीय लोगों के समर्थन के बिना संभव नहीं होती। वे ‘पाल्की’ की सेवा देते हैं।

स्थानीय लोग तड़के सुबह ही आधार शिविर के पास श्रद्धालुओं को छड़ी, टोपी, रेनकोट आदि बेचने के लिए मौजूद थे। कई स्थानीय लोगों ने आधार शिविर में भी दुकानें लगाई हैं।

सेना ने बताया कि सुरक्षित अमरनाथ यात्रा संपन्न कराने के लिए कमांडो, ड्रोन रोधी प्रणाली, बम निरोधक दस्ते और खोजी कुत्तों के दस्ते की तैनाती सहित मजबूत और पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सेना ने बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की है जिनमें पहाड़ियों पर सुरक्षा, यात्रा मार्ग पर स्वच्छता और 24 घंटे रात्रि में देखने में सक्षम उपकरणों की मदद से यात्रा मार्ग की निगरानी शामिल है।

उन्होंने बताया कि सेना के विशेष बल यात्रा के मार्ग में संवेदनशील स्थानों से निगरानी कर रहे हैं।

सेना ने बताया कि सैनिकों की तैनाती के साथ-साथ ड्रोन से निगरानी की जा रही है। पवित्र गुफा तक जाने के लिए की जाने वाली चढ़ाई के रास्ते पर 24 घंटे सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।

इस साल अमरनाथ यात्रा सबसे अधिक 62 दिन की है। यह 31 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन संपन्न होगी।

इस बीच,जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने राजभवन में श्री अमरनाथ यात्रा के लिए बनाए गए नियंत्रण कक्ष में समीक्षा बैठक की।

आधिकारिक प्रवक्ता के मुताबिक उपराज्यपाल ने नियंत्रण कक्ष के अधिकारियों के साथ यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

उन्होंने बताया कि श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) का नियंत्रण कक्ष 24 घंटे काम कर रहा है और परेशानी मुक्त तीर्थयात्रा सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर पर विभिन्न हितधारकों के साथ समन्वय कर रहा है।

उपराज्यपाल ने कहा,‘‘ तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाओं में सुधार करने और आध्यात्मिक यात्रा को एक सुखद अनुभव बनाने के लिए बड़े कदम उठाए गए हैं।’’

जम्मू में, अधिकारियों ने कहा कि इस वर्ष सुरक्षा व्यवस्था पिछले वर्षों की तुलना में अधिक मजबूत है।

जम्मू-सांबा-कठुआ रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक शक्ति पाठक ने फर्जी पंजीकरण परमिट प्रदान करके अमरनाथ यात्रियों को ठगने में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 01, 2023 08:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).