देश की खबरें | अमरिंदर ने प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर किसानों को भुगतान के मौजूदा तरीके को कायम रखने की मांग की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर मांग की कि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के मुद्दे पर सहमति बनने तक फसलों की खरीद के लिए किसानों को भुगतान की मौजूदा व्यवस्था कायम रखी जाए।
चंडीगढ़, तीन अप्रैल पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर मांग की कि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के मुद्दे पर सहमति बनने तक फसलों की खरीद के लिए किसानों को भुगतान की मौजूदा व्यवस्था कायम रखी जाए।
पंजाब में अभी किसानों का भुगतान आढ़तिया (कमीशन एजेंटों) के जरिए किया जाता है।
केंद्रीय खाद्य मंत्री पीयूष गोयल ने 27 मार्च को राज्य सरकार को पत्र लिख कर किसानों को सीधे भुगतान करने को कहा था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को सीधे भुगतान सहित किसी भी सुधार से पहले सभी पक्षों के साथ बातचीत की जानी चाहिए।
एक सरकारी बयान के अनुसार, उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में बाधा डालने वाले अचानक बदलाव से खरीद प्रक्रिया बाधित हो सकती है। इससे न केवल देश की खाद्य सुरक्षा प्रभावित हो सकती है, बल्कि लाखों किसानों, मजदूरों और यहां तक कि कारोबारियों की आजीविका के लिए भी खतरा पैदा हो सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आढ़तिया किसानों और खरीद एजेंसियों के बीच कोई बिचौलिया नहीं हैं और वे सेवा प्रदाता हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि किसानों और खाद्यान्न की सुचारू तरीके से खरीद में शामिल अन्य लोगों की आजीविका प्रभावित नहीं हो।
मुख्यमंत्री ने "स्थिति के बेकाबू होने से पहले’’ मौजूदा भुगतान प्रणाली में बदलाव को लेकर विभिन्न पक्षों की चिंताओं से अवगत कराने के लिए प्रधानमंत्री के साथ बैठक का अनुरोध किया।
पंजाब सरकार की ओर से उन्होंने प्रधानमंत्री को दीर्घकालिक सुधारों के लिए विभिन्न पक्षों के बीच आम सहमति बनाने की दिशा में अपना पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त और अच्छी तरह से स्थापित संस्थागत और सामाजिक व्यवस्था को ‘हटाने’ के केंद्र के प्रयासों पर चिंता व्यक्त की और कहा कि उन्होंने हाल में कुछ "एकतरफा फैसलों और कदमों का ‘पैटर्न’’ देखा है।
सिंह ने कहा कि खुद एक सैनिक और एक किसान होने के नाते वह उन जोखिमों और खतरों को उजागर करना चाहते हैं, जिनके देश की खाद्य सुरक्षा के समक्ष आने की आशंका है।
उन्होंने हरित क्रांति की सफलता और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि सुरक्षा और रक्षा व्यवस्था दशकों से बनी हैं, लेकिन इन्हें क्षणों में ध्वस्त किया जा सकता है और इनके साथ समझौता किया जा सकता है।
सिंह ने प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप करने और किसानों, कृषि मजदूरों सहित विभिन्न पक्षों के साथ विचार-विमर्श शुरू करने के लिए खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग तथा वित्त मंत्रालय को सलाह देने का अनुरोध किया।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)