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जरुरी जानकारी | मांग टूटने से बीते सप्ताह लगभग सभी तेल-तिलहनों में गिरावट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सरसों में किसी अन्य खाद्य तेल की मिलावट करने पर लगी रोक के बाद विदेशों में सोयाबीन डीगम, चावल भूसी तेल, सीपीओ जैसे तेलों की मांग बेहद कमजोर होने से दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बीते सप्ताह सीपीओ, सोयाबीन सहित लगभग सभी तेल-तिलहन के भाव दबाव में आ गये और कीमतें हानि दर्शाती बंद हुईं।

जरुरी जानकारी | मांग टूटने से बीते सप्ताह लगभग सभी तेल-तिलहनों में गिरावट

नयी दिल्ली, 13 जून सरसों में किसी अन्य खाद्य तेल की मिलावट करने पर लगी रोक के बाद विदेशों में सोयाबीन डीगम, चावल भूसी तेल, सीपीओ जैसे तेलों की मांग बेहद कमजोर होने से दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बीते सप्ताह सीपीओ, सोयाबीन सहित लगभग सभी तेल-तिलहन के भाव दबाव में आ गये और कीमतें हानि दर्शाती बंद हुईं।

बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि देश के खाद्य नियामक एफएसएसएआई ने आठ जून से सरसों में मिलावट को रोकने का आदेश दिया है जिसको लेकर कुछ लोगों ने अदालत का दरवाजा भी खटखटाया है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस सप्ताह सुनवाई के लिए इस मामले को 19 जुलाई तक टाल दिया है। इस बीच, सरसों तेल में मिलावट पर रोक होने के बीच विदेशों में खाद्य तेलों की मांग बेहद प्रभावित हुई। इस मांग में आई कमी का असर घरेलू बाजार में भी विभिन्न तेल-तिलहन कीमतों पर दिखा और सप्ताहांत में पिछले सप्ताहांत के मुकाबले सभी तेल-तिलहन के भाव हानि दर्शाते बंद हुए।

विदेशों में मांग की भारी कमी के बीच खाद्य तेलों के भाव काफी टूट गये हैं। मलेशिया एक्सचेंज में भी खाद्य तेलों के भाव टूटे हैं। विदेशों में सोयाबीन का दाम 1,400 डॉलर प्रति टन से घटकर 1,250 डॉलर प्रति टन रह गया है। इस तथ्य के मद्देनजर देश में 15 जून को इन तेलों के आयात शुल्क मूल्य को घटाये जाने की संभावनायें जताई जा रही हैं।

इस बीच, देश में सरसों की कीमतों में वृद्धि को लेकर चर्चायें और विरोध जारी हैं। लेकिन वस्तुस्थिति देखें तो पता लगता है कि पहले 130-140 रुपये लीटर बिकने वाले लगभग 20 प्रतिशत सरसों तेल में लगभग 80-85 रुपये लीटर बिकने वाले 80 प्रतिशत सोयाबीन डीगम और चावल भूसी तेल की ब्लेंडिंग की जाती थी और उस मिलावटी तेल को भी सरसों के भाव ही बेचा जाता था। लेकिन मिलावट पर रोक लगने के बाद उपभोक्ताओं को शुद्ध सरसों तेल खाने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि खुदरा बाजार में सोयाबीन रिफाइंड की कीमत लगभग 145 रुपये लीटर है और थोक मूल्य के हिसाब से खुदरा व्यापारियों के सारे शुल्क और मुनाफे को जोड़कर सरसों तेल का खुदरा भाव 145 रुपये लीटर के लगभग बैठना चाहिये।

उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह सोयाबीन और सरसों का तेल 155 रुपये लीटर के लगभग था जो इस सप्ताह लगभग 10 रुपये घटकर 145 रुपये लीटर रह गया है।

सूत्रों ने कहा कि इस फैसले से देश में सरसों के उत्पादन में भारी वृद्धि हो सकती है क्योंकि पहले भी किसानों को अपनी सरसों फसल के लिए अच्छे दाम मिले हैं और मिलावट मुक्त तेल की मांग आने वाले समय में और बढ़ेगी क्योंकि सरसों तेल को अधिक स्वास्थ्यप्रद माना जाता है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा पहल से देश तिलहन उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भरता हासिल करने की ओर बढ़ेगा और इससे विदेशी आपूर्तिकर्ताओं की मनमानी रुकेगी और देश के विदेशी मुद्रा के खर्च में भारी कमी आयेगी।

बीते सप्ताह, सरसों दाना का भाव 250 रुपये की हानि दर्शाता 7,100-7,150 रुपये प्रति क्विन्टल रह गया जो पिछले सप्ताहांत 7,350-7,400 रुपये प्रति क्विंटल था। सरसों दादरी तेल का भाव भी 465 रुपये घटकर 14,000 रुपये प्रति क्विन्टल रह गया। सरसों पक्की घानी और कच्ची घानी टिनों के भाव भी समीक्षाधीन सप्ताहांत में 75-75 रुपये की गिरावट दर्शाते क्रमश: 2,255-2,305 रुपये और 2,355-2,455 रुपये प्रति टिन पर बंद हुए।

सोयाबीन डीगम की मांग में भारी गिरावट आने के बीच अन्य सोयाबीन तेल-तिलहनों के भाव भी दबाव में आ गये जिससे उनमें गिरावट देखने को मिली। सोयाबीन दाना और लूज के भाव क्रमश: 400-400 रुपये की हानि दर्शाते क्रमश: 7,400-7,250 रुपये और 7,150-7,200 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुए। समीक्षाधीन सप्ताहांत में सोयाबीन दिल्ली, सोयाबीन इंदौर और सोयाबीन डीगम के भाव भी क्रमश: 1,200 रुपये, 1,250 रुपये और 1,150 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश: 14,000 रुपये, 13,750 रुपये और 12,600 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुए।

गिरावट के आम रुख के बीच समीक्षाधीन सप्ताहांत में मूंगफली दाना 150 रुपये की हानि के साथ 5,670-5,815 रुपये, मूंगफली गुजरात 500 रुपये टूटकर 14,000 रुपये क्विन्टल तथा मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड का भाव 75 रुपये की हानि के साथ 2,145-2,275 रुपये प्रति टिन पर बंद हुआ।

मांग कमजोर रहने के बाद समीक्षाधीन सप्ताहांत में कच्चे पाम तेल (सीपीओ) का भाव 750 रुपये घटकर 10,800 रुपये प्रति क्विन्टल रह गया। पामोलीन दिल्ली का भाव भी समीक्षाधीन सप्ताहांत में 1,180 रुपये की हानि दर्शाता 12,300 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुआ। पामोलीन कांडला तेल का भाव भी 1,080 रुपये के नुकसान के साथ समीक्षाधीन सप्ताहांत में 11,300 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

राजेश

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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 13, 2021 11:43 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).