देश की खबरें | विपक्ष के सभी मुद्दों पर संसद में चर्चा को तैयार: सरकार ने सर्वदलीय बैठक में कहा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. सरकार ने एक सर्वदलीय बैठक में रविवार को कहा कि वह विपक्ष द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर संसद के मानसून सत्र में चर्चा के लिए तैयार है और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों पर प्रतिक्रिया संबंधी मांग का भी उचित जवाब देगी।

नयी दिल्ली, 20 जुलाई सरकार ने एक सर्वदलीय बैठक में रविवार को कहा कि वह विपक्ष द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर संसद के मानसून सत्र में चर्चा के लिए तैयार है और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों पर प्रतिक्रिया संबंधी मांग का भी उचित जवाब देगी।

संसद के मानसून सत्र से पहले सरकार द्वारा रविवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण, पहलगाम आतंकवादी हमला और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘‘संघर्षविराम’’ के दावों सहित विभिन्न मुद्दे उठाए।

सरकार ने सदन के सुचारू संचालन के लिए विपक्षी दलों से सहयोग मांगा।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि संसद को सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकार एवं विपक्ष के बीच समन्वय होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार ऑपरेशन सिंदूर पर ट्रंप के दावों को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दे पर संसद में उचित जवाब देगी।

रीजीजू ने जोर देकर कहा कि सरकार नियमों एवं परंपराओं के अनुरूप संसद में सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा कि सरकार ऑपरेशन सिंदूर जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए भी पूरी तरह तैयार है।

कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि उनकी पार्टी ट्रंप के दावों, उन ‘‘चूकों’’ जिनके कारण पहलगाम हमला हुआ और बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बयान दिए जाने की मांग करती है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का यह दायित्व है कि वह इन प्रमुख मुद्दों पर संसद में बयान दें।

आम आदमी पार्टी (आप) के नेता संजय सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने बैठक में बिहार में एसआईआर के कथित ‘‘चुनावी घोटाले’’ और भारत एवं पाकिस्तान के बीच ‘‘संघर्षविराम कराने में’’ मध्यस्थता संबंधी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे का मुद्दा उठाया।

उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) केवल लोकसभा चुनावों के लिए है और ‘आप’ विधानसभा चुनाव अपने दम पर लड़ रही है।

बीजू जनता दल (बीजद) के नेता सस्मित पात्रा ने कहा कि राज्यों में कानून-व्यवस्था की विफलता की जिम्मेदारी से केंद्र बच नहीं सकता और संसद में इस पर बहस होनी चाहिए।

उन्होंने ओडिशा में एक कॉलेज छात्रा द्वारा आत्मदाह किए जाने और 15 वर्षीय किशोरी को कुछ लोगों द्वारा आग लगाए जाने की घटनाओं का जिक्र करते हुए यह बात कही।

पात्रा ने कहा कि ओडिशा में कानून-व्यवस्था ‘‘पूरी तरह ध्वस्त’’ हो गई है और वहां की भाजपा सरकार ‘‘असहाय’’ एवं ‘‘विफल’’ हो गई है।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के जॉन ब्रिटास ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम आतंकवादी हमले संबंधी ट्रंप के दावों पर संसद में बयान देना चाहिए।

केंद्रीय मंत्री एवं राज्यसभा में सदन के नेता जे.पी. नड्डा की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता शामिल हुए। रीजीजू और उनके कनिष्ठ मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सरकार का प्रतिनिधित्व किया।

कांग्रेस के गौरव गोगोई एवं जयराम रमेश, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा)-शरदचंद्र पवार की सुप्रिया सुले, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के टी आर बालू और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई-ए) के नेता एवं केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले बैठक में भाग लेने वाले सांसदों में शामिल रहे।

विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के 24 दलों के प्रमुख नेताओं ने संसद का मानसून सत्र शुरू होने से पहले शनिवार को फैसला किया था कि वे पहलगाम आतंकवादी हमले, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अचानक रोके जाने, भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव के बीच मध्यस्थता संबंधी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे, बिहार में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कई अन्य मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे।

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