एजेंसी न्यूज

देश की खबरें | सर्वदलीय बैठक : विपक्षी दलों ने पेगासस, एमएसपी पर कानून बनाने, महंगाई पर चर्चा की मांग की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. संसद के शीतकालीन सत्र से पहले सरकार की ओर से रविवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में अधिकतर विपक्षी दलों ने पेगासस जासूसी विवाद, महंगाई, किसानों, न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी को लेकर कानून बनाए जाने, बेरोजगारी, लद्दाख में चीन के अतिक्रमण सहित कुछ अन्य मुद्दों पर चर्चा किए जाने की मांग की और सरकार को रचनात्मक मुद्दों पर सकारात्मक सहयोग देने का आश्चासन दिया ।

देश की खबरें | सर्वदलीय बैठक : विपक्षी दलों ने पेगासस, एमएसपी पर कानून बनाने, महंगाई पर चर्चा की मांग की

नयी दिल्ली, 28 नवंबर संसद के शीतकालीन सत्र से पहले सरकार की ओर से रविवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में अधिकतर विपक्षी दलों ने पेगासस जासूसी विवाद, महंगाई, किसानों, न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी को लेकर कानून बनाए जाने, बेरोजगारी, लद्दाख में चीन के अतिक्रमण सहित कुछ अन्य मुद्दों पर चर्चा किए जाने की मांग की और सरकार को रचनात्मक मुद्दों पर सकारात्मक सहयोग देने का आश्चासन दिया ।

सरकार ने विपक्षी दलों को आश्वस्त किया कि वह विपक्ष के सकारात्मक सुझावों पर विचार करने और नियमों के तहत अध्यक्ष एवं सभापति की अनुमति से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कराने को तैयार है।

सर्वदलीय बैठक में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, पीयूष गोयल, संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी के अलावा राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, कांग्रेस नेता आनंद शर्मा, तृणमूल कांग्रेस के नेता सुदीप बंदोपाध्याय, डेरेक ओ ब्रायन, द्रमुक नेता टी आर बालू, समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव, बसपा नेता सतीश चंद्र मिश्र, बीजद के प्रसन्न आचार्य, नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला, शिवसेना नेता विनायक राउत आदि मौजूद थे। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उपस्थित नहीं थे।

बैठक के बाद राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ‘‘ सर्वदलीय बैठक में 15-20 महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। सभी दलों ने मांग की कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून बनाने पर सरकार तुरंत ध्यान दे। ’’

उन्होंने कहा कि इसके अलावा बिजली संशोधन विधेयक पर भी सरकार से ध्यान देने को कहा गया है ।

उन्होंने कहा कि सरकार ने उनसे कहा कि कुछ विधेयकों को पेश करने के बाद वह उसे संसद की स्थायी समिति को भेजना चाहती है और इस बारे में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में तय हो जायेगा।

खड़गे ने कहा, ‘‘ हम सरकार को सहयोग करना चाहते हैं । अच्छे विधेयक आयेंगे, तब हम सरकार का सहयोग करेंगे । अगर हमारी बात नहीं मानी (चर्चा को लेकर) गई, तब सदन में व्यवधान की जिम्मेदारी सरकार की होगी।’’

कांग्रेस नेता खड़गे ने कहा कि बैठक में कोविड-19 की तीसरी लहर की आशंका के बारे में भी चर्चा हुई ।

उन्होंने कहा, ‘‘ हमने सरकार से मांग की है कि कोविड महामारी के कारण जान गंवाने वालों को 4 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। इसके अलावा तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों को भी मुआवजा दिया जाए।’’

खड़गे ने कहा, ‘‘हम अपेक्षा कर रहे थे कि बैठक में प्रधानमंत्री आएंगे, लेकिन किसी कारण से वह नहीं आए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम प्रधानमंत्री से कृषि कानूनों को लेकर कुछ बातों पर स्थिति स्पष्ट करना चाहते थे।’’

संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने संवाददाताओं का बताया, ‘‘ सर्वदलीय बैठक में विभिन्न दलों के 42 नेताओं ने हिस्सा लिया । इसमें विभिन्न विषयों पर रचनात्मक चर्चा हुई और विपक्ष की ओर से कुछ अच्छे सुझाव आए।’’

उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष के सकारात्मक सुझावों पर विचार करने और नियमों के तहत अध्यक्ष एवं सभापति की अनुमति से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कराने को तैयार है।

जोशी ने कहा, ‘‘ हमने अपील की है कि सदन में बिना किसी व्यवधान के कामकाज हो। विपक्ष ने भी आश्वस्त किया है कि वे सदन को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करेंगे।’’

वहीं, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह बीच में ही बैठक छोड़कर बाहर निकल गए। सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि वे बैठक में किसानों, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून बनाने के विषय को उठा रहे थे, लेकिन बीच में ही टोका-टोकी की गई ।

सिंह ने आरोप लगाया कि कि संसद में भी नहीं बोलने दिया जाता है और यहां बैठक में भी टोका-टोकी की गई। ऐसे में बैठक में रहने का कोई अर्थ नहीं है।

विपक्षी नेताओं ने पश्चिम बंगाल सहित कुछ राज्यों में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का अधिकार क्षेत्र बढ़ाए जाने, संघीय ढांचे तथा महिला आरक्षण विधेयक का मुद्दा भी उठाया।

समझा जाता है कि तृणमूल कांग्रेस के नेताओं-सुदीप बंदोपाध्याय और डेरेक ओ ब्रायन ने लाभकारी सार्वजनिक उपक्रमों के विनिवेश और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून लाने का मुद्दा भी उठाया।

बैठक में तृणमूल कांग्रेस ने 10 बिन्दुओं को उठाया, जिसमें महंगाई, बेरोजगारी, संघीय ढांचे का मुद्दा, मुनाफा कमाने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के विनिवेश, कुछ राज्यों में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का अधिकार क्षेत्र बढ़ाए जाने, संघीय ढांचे, कोविड-19 की स्थिति तथा महिला आरक्षण विधेयक आदि का मुद्दा शामिल है ।

गौरतलब है कि संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार 29 नवंबर से शुरू होकर 23 दिसंबर तक चलेगा।

दीपक

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 28, 2021 03:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).