देश की खबरें | फ़िल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ रिलीज करने की मांग करते हुए अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन ने प्रदर्शन किया

अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने बताया कि शुक्रवार शाम पांच बजे यहां एक मॉल में फिल्म का पहला शो चलना था, जिसके लिए संगठन द्वारा 17 टिकट मॉल मैनेजर के माध्यम से बुक कराए गए थे, लेकिन शो शुरू होने से पहले सूचना मिली कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने फिल्म पर रोक लगा दी है और अब केंद्र सरकार इस पर निर्णय लेगी कि फिल्म को प्रदर्शित किया जाए या नहीं।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने दर्जी कन्हैया लाल की हत्या पर आधारित फिल्म “उदयपुर फाइल्स” की रिलीज पर बृहस्पतिवार को तब तक के लिए रोक लगा दी, जब तक केंद्र सरकार फिल्म पर स्थायी प्रतिबंध लगाने की याचिकाओं पर निर्णय नहीं कर लेती। फिल्म आज रिलीज होने वाली थी।

सचिन सिरोही ने कहा, “हमारा संगठन और देश का हर सनातनी हिंदू इस फिल्म का समर्थन करता है, क्योंकि यह फिल्म कन्हैयालाल हत्या जैसे घटनाक्रम की सच्चाई को देश के सामने लाने का काम करती है।"

उन्होंने कहा,‘‘यह सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि सच्चाई है, जिसे देश के 110 करोड़ हिंदुओं को देखना चाहिए। यह मांग मॉल मैनेजर के माध्यम से उनके हेड ऑफिस को भी भेजी गई है।”

कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से ‘उदयपुर फाइल्स’ को करमुक्त किए जाने की भी मांग की, ताकि अधिक से अधिक लोग इस फिल्म को देख सकें और इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

राजस्थान के उदयपुर में रहने वाले दर्जी कन्हैया लाल की जून 2022 में कथित तौर पर मोहम्मद रियाज और मोहम्मद गौस ने हत्या कर दी थी।

हमलावरों ने बाद में एक वीडियो जारी करके दावा किया था कि कन्हैया लाल की हत्या इसलिए की गई, क्योंकि उसने पैगंबर मोहम्मद के बारे में विवादास्पद टिप्पणी करने वाली भाजपा की पूर्व नेता नुपुर शर्मा का समर्थन करते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की थी। इस मामले की जांच राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने की थी और आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं के अलावा, कठोर गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामला जयपुर की विशेष एनआईए अदालत में लंबित है।

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