देश की खबरें | अकाली दल ने मान पर दिवंगत प्रकाश सिंह बादल को बदनाम करने का आरोप लगाया
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चंडीगढ़, पांच जून अकाली दल ने सोमवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को बदनाम करने के प्रयास का आरोप लगाया और दावा किया कि दिवंगत नेता ने एक बार राज्य के विश्वविद्यालय के लिए केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा मांगा था।
मान ने आरोप लगाया है कि बादल ने 2008 में तत्कालीन प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर पंजाब विश्वविद्यालय को केंद्रीय दर्जा देने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करने का अनुरोध किया था।
मान ने सोमवार को हरियाणा के कॉलेजों को पीयू से मान्यता प्रदान करने के प्रस्ताव को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि चंडीगढ़ स्थित विश्वविद्यालय पंजाब का है और इसी का रहेगा।
शिरोमणि अकाली दल के नेता दलजीत सिंह चीमा ने मान से बादल के खिलाफ मानहानि अभियान चलाकर पीयू के संबंध में पंजाब के मामले को कमजोर नहीं करने का अनुरोध किया। उन्होंने मान को इसके बजाय "पिछले दरवाजे से विश्वविद्यालय पर कब्जा करने की कोशिश" के लिए हरियाणा को बेनकाब करने की सलाह दी।
चीमा ने कहा, "यह चौंकाने वाली बात है कि मान ने 2008 में केंद्र को लिखे प्रकाश सिंह बादल के एक पत्र के चुनिंदा हिस्से को लीक करके अपने उच्च पद की गरिमा खत्म कर दी है।”
चीमा ने कहा कि 2008 का पत्र पंजाब विश्वविद्यालय के शिक्षकों और छात्रों की मांग के बाद लिखा गया था, जो सेवानिवृत्ति की आयु में वृद्धि के साथ-साथ शोधार्थियों के वेतन में बढ़ोतरी के लिए आंदोलन कर रहे थे।
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