देश की खबरें | एआईएसएफ ने यूजीसी नियमन 2024, 2025 के मसौदे को वापस लेने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया
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नयी दिल्ली, 24 फरवरी 'ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन' (एआईएसएफ) ने सोमवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) भवन तक विरोध मार्च निकाला और यूजीसी नियमन 2024 और 2025 के मसौदे को तत्काल वापस लेने की मांग की।
संगठन द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि एआईएसएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष विराज देवांग और महासचिव दिनेश सीरंगराज के नेतृत्व में छात्र संगठन ने प्रस्तावित नियमों का विरोध किया और इन्हें संवैधानिक सिद्धांतों का उल्लंघन और विश्वविद्यालय की स्वायत्तता पर हमला बताया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, नए दिशानिर्देशों का उद्देश्य विश्वविद्यालयों को नौकरी देने और पदोन्नति में अधिक लचीलापन प्रदान करना है।
हालांकि, इस कदम ने एक राजनीतिक विवाद पैदा कर दिया है।
विशेष रूप से गैर भाजपा शासित राज्यों का तर्क है कि प्रस्ताव राज्य सरकार के अधिकारों का उल्लंघन करते हैं और उच्च शिक्षा संस्थानों पर नियंत्रण को केंद्रीकृत करते हैं।
विवाद का एक प्रमुख बिंदु विश्वविद्यालयों में कुलपति के चयन और नियुक्ति में केंद्रीय रूप से नियुक्त राज्यपालों की बढ़ी हुई भूमिका है।
इस कदम का विरोध करने वालों का तर्क है कि यह राज्य द्वारा संचालित संस्थानों की स्वायत्तता को कम करता है।
एआईएसएफ नेताओं ने दावा किया कि ये बदलाव विश्वविद्यालय की नीतियों को आकार देने में शैक्षणिक निकायों, संकाय और छात्रों की भूमिका को कम कर देंगे।
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