जरुरी जानकारी | एयरबस इंडिया को विदेशी होल्डिंग फर्म के लिए ‘मध्यवर्ती सेवाओं’ पर चुकाना होगा 18% जीएसटी
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नयी दिल्ली, सात जुलाई अग्रिम निर्णय प्राधिकरण (एएआर) ने अपने एक फैसले में कहा कि एयरबस इंडिया द्वारा फ्रांस स्थित होल्डिंग कंपनी के लिए तकनीकी सलाहकार और खरीद सेवाएं ‘मध्यवर्ती सेवाएं’ हैं और उस पर कंपनी 18 प्रतिशत जीएसटी के लिए उत्तरदायी हैं।
एयरबस ग्रुप इंडिया ने एएआर की कर्नाटक पीठ के समक्ष अपील कर इस पर फैसला देने की मांग की थी कि क्या उसकी होल्डिंग कंपनी एयरबस इन्वेस्ट एसएएस, फ्रांस को दी जाने वाली सेवाएं वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) कानून के तहत ‘सेवा के निर्यात’ के रूप में मान्य होंगी और इसलिए इसे ‘शून्य श्रेणी की आपूर्ति’ माना जाए।
आवेदक - एयरबस ग्रुप इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, एयरबस इन्वेस्ट एसएएस, फ्रांस (होल्डिंग कंपनी) की एक सहायक कंपनी है और इसकी अंतिम होल्डिंग कंपनी एयरबस, एसई नीदरलैंड है।
एयरबस इंडिया को एक क्षेत्रीय इकाई के रूप में स्थापित किया गया था और उसके द्वारा दी जाने वाली सेवाओं में कच्चे माल की खरीद, गुणवत्ता और जोखिम मूल्यांकन, आपूर्तिकर्ताओं से उद्धरण प्राप्त करना और इसे होल्डिंग कंपनी के साथ साझा करना, उत्पादन की समयसीमा की समीक्षा करना और खरीद प्रक्रिया का ऑडिट करना शामिल है।
आवेदक के इस सवाल पर कि क्या इस तरह की आपूर्ति
अन्य पेशेवर, तकनीकी और व्यावसायिक सेवाओं की आपूर्ति के रूप में मानी जाएगी, कर्नाटक एएआर ने कहा कि एयरबस इंडिया एक ‘मध्यवर्ती’ है, जो एयरबस, फ्रांस के लिए खरीद कार्यों संबंधी सेवाएं प्रदान करती है। इसलिए यह जीएसटी लागू करने के संबंध में ‘मध्यवर्ती सेवाओं’ के तहत आएगा।
एएआर ने कहा, ‘‘आवेदक द्वारा दी जाने वाली सेवाएं, सेवाओं के निर्यात के रूप में योग्य नहीं हैं... और इसलिए उन पर 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी लागू किया जा सकता है।’’
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