देश की खबरें | एअर इंडिया की पायलट यूनियन ने वेतन में कटौती को लेकर पुरी को पत्र लिखा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. एअर इंडिया के तनख्वाह में कटौती और अनिवार्य रूप से बिना वेतन के छुट्टी पर भेजने (आईएलडब्ल्यू) योजना जैसे कदमों से कुछ कर्मचारियों पर "विनाशकारी मनोवैज्ञानिक प्रभाव" पड़ने की आशंका है।
नयी दिल्ली, 23 जुलाई एअर इंडिया के तनख्वाह में कटौती और अनिवार्य रूप से बिना वेतन के छुट्टी पर भेजने (आईएलडब्ल्यू) योजना जैसे कदमों से कुछ कर्मचारियों पर "विनाशकारी मनोवैज्ञानिक प्रभाव" पड़ने की आशंका है।
यह बात एयरलाइन के पायलटों की एक प्रमुख यूनियन ने मंगलवार को कही।
एक्जीक्यूटिव पायलट्स एसोसिएशन (ईपीए) ने विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी के पत्र लिखकर कहा कि आज की तारीख तक एअर इंडिया के 60 से अधिक पायलट कोविड-19 से संक्रमित पाए गए हैं।
एअर इंडिया ने बुधवार को ऐलान किया था कि जिन कर्मचारियों का कुल मासिक वेतन 25,000 रुपये से ज्यादा है, उनके भत्तों में 50 फीसदी तक की कमी की जाएगी।
ईपीए ने बृहस्पतिवार को कहा कि हमारा संघ, बड़े पैमाने पर जबरन वेतन कटौती और अनिवार्य एलडब्ल्यूपी योजना से कुछ कर्मचारियों पर विनाशकारी मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ने की आशंका से चिंतित हैं।
ईपीए ने पायलटों की तनख्वाह में कटौती को "भेदभावपूर्ण, असंगत और मनमाना" बताया है।
गौरतलब है कि कोरोना वायरस महामारी के कारण लगाए गए यात्रा प्रतिबंधों के कारण विमानन क्षेत्र पर काफी असर पड़ा है।
एअर इंडिया ने बृहस्पतिवार को ऐलान किया कि वह किसी भी कर्मचारी को नहीं निकालेगा।
भारत में 25 मई से घरेलू यात्री उड़ानों का संचालन शुरू हो गया था।
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