देश की खबरें | चीन से गतिरोध के बीच वायुसेना को सीमावर्ती इलाकों में गतिविधियों के लिये उत्तराखंड में मिलेगी जमीन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन के साथ जारी गतिरोध के बीच मध्य वायु(सेना) कमान प्रमुख, एयर मार्शल राजेश कुमार ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात की है। उन्होंने सीमावर्ती इलाकों में वायुसेना को अपनी गतिवधियों में मदद करने वाली सुविधाओं की व्यवस्था करने के लिये रावत से जमीन देने का अनुरोध किया।
देहरादून, 12 सितंबर वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन के साथ जारी गतिरोध के बीच मध्य वायु(सेना) कमान प्रमुख, एयर मार्शल राजेश कुमार ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात की है। उन्होंने सीमावर्ती इलाकों में वायुसेना को अपनी गतिवधियों में मदद करने वाली सुविधाओं की व्यवस्था करने के लिये रावत से जमीन देने का अनुरोध किया।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि मध्य वायु(सेना) कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ (एओसी-इन-सी) ने शुक्रवार को रावत से अपनी मुलाकात के दौरान राज्य के पर्वतीय इलाकों में वायु रक्षा रेडार और लड़ाकू विमानों के उतरने के लिये जमीन की उपलब्धता पर भी चर्चा की। इस क्षेत्र के सामरिक महत्व को देखते हुए यह पहल की गई है।
उत्तराखंड की सीमा चीन और नेपाल से लगती है।
एयर मार्शल कुमार ने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों चमोली, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी में वायु रक्षा रेडार और ‘एडवांस लैंडिंग ग्राउंड’ जैसी सुविधाएं स्थापित करने से वायुसेना को काफी मदद मिलेगी क्योंकि ये देश के उत्तरपूर्व में हैं।
एयर मार्शल ने पंतनगर, जॉलीग्रांट और पिथौरागढ़ हवाईअड्डों का विस्तार करने तथा चौखुटिया में एक हवाईअड्डे के लिये जमीन आंवटित करने का भी अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वायुसेना को अपनी गतिविधियां करने के लिये प्राथमिकता आधार पर जमीन उपलब्ध कराई जाएगी और इस उद्देश्य के लिये उपयुक्त जमीन तलाशने की खातिर प्रशासन के एक नोडल अधिकारी को तत्काल नियुक्त करने का आदेश दिया जाएगा।
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