जरुरी जानकारी | एआईपीईएफ ने प्रधानमंत्री से बिजली कर्मचारियों को अग्रिम पंक्ति के कर्मचारी माने जाने का आग्रह किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बिजली क्षेत्र के कर्मचारियों को महामारी के दौरान अग्रिम पंक्ति के कर्मचारी के रूप में विचार करने का आग्रह किया है।
नयी दिल्ली, 23 अप्रैल ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बिजली क्षेत्र के कर्मचारियों को महामारी के दौरान अग्रिम पंक्ति के कर्मचारी के रूप में विचार करने का आग्रह किया है।
बिजली क्षेत्र में कार्यरत इंजीनियरों के संगठन ने कहा कि अस्पताल और परीक्षण प्रयोगशालााएं विद्युत आपूर्ति पर ही निर्भर हैं और बिजली वितरण कंपनियों में कार्यरत इंजीनियर तथा तकनीकी कर्मचारियों की कोविड-19 के खिलाफ अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका है।
एआईपीईएफ ने एक बयान में कहा, ‘‘ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन ने प्रधानमंत्री से बिजली क्षेत्र में कार्यरत उन कर्मचारियों को अग्रिम पंक्ति के कर्मचारी के रूप में विचार करने का आग्रह किया है, जो महामारी की स्थिति 24 घंटे बिजली आपूर्ति की व्यवस्था बनाये हुए हैं।’’
उसने कहा कि बिजली आपूर्ति महत्वपूर्ण है और इसे अनिवार्य सेवाओं की श्रेणी में रखने की जरूरत है।
संगठन के अनुसार बिजली कर्मचारी और इंजीनियर सभी उपभोक्ताओं के लिये विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने को लेकर दिन-रात काम करते हैं और लोगों के संपर्क में आते है। ऐसे में कोविड-19 के संक्रमण का खतरा है।
एआईपीईएफ के प्रवक्ता वी के गुप्ता ने एक बयान में कहा कि आज की तारीख में अकेले महाराष्ट्र में बिजली क्षेत्र के 5,890 कर्मचारी कोरोना संक्रमित हैं जबकि 186 की मौत हो गयी है। उत्तर प्रदेश और दूसरे राज्यों में भी यही स्थिति है।
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