देश की खबरें | आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर देश में 75 रामसर साइट बनाने का लक्ष्य

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. देश में पहले से घोषित 49 रामसर साइट से इतर 26 आद्रभूमि को रामसर साइट घोषित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए भारत ने ‘कंवेंशन ऑफ वेटलैंड्स’ से अनुरोध करने का फैसला किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को इस आशय की जानकारी दी।

नयी दिल्ली, सात जून देश में पहले से घोषित 49 रामसर साइट से इतर 26 आद्रभूमि को रामसर साइट घोषित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए भारत ने ‘कंवेंशन ऑफ वेटलैंड्स’ से अनुरोध करने का फैसला किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को इस आशय की जानकारी दी।

अगर ‘कंवेंशन ऑफ वेटलैंड्स’ इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लेता है तो भारत के पास आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर 75 रामसर साइट होंगे।

पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव संभवत: इस मुद्दे को अपनी अगली यात्रा के दौरान जिनेवा में कंवेंशन ऑफ वेटलैंड्स की महासचिव मार्था रोजास उरेगो के समक्ष उठाएंगे।

जिन 26 आद्रभूमि को रामसर साइट का दर्जा देने का प्रस्ताव भेजा गया है उनमें से 13 तमिलनाडु में जबकि ओडिशा में चार, मध्य प्रदेश में दो, जम्मू-कश्मीर में दो और महाराष्ट्र, मिजोरम, कर्नाटक तथा गोवा में एक-एक हैं।

तमिलनाडु में स्थित उन आद्रभूमि में चित्रांगुडी, कूंथानकुंलम, वादुवूर, वेल्लोर, कांजीराकुलम, वदांथंगल और कारीकिली में स्थित पक्षी अभयारण्य, सुचिन्द्रम थेरूर और वेम्बान्नूर स्थित आद्रभूमि, पिचावरम मैनग्रोव, पल्लीकरानाई मार्श और मन्नार समुद्री बायोस्पियर अभयारण्य की खाड़ी शामिल हैं।

इस सूची में ओडिशा के सत्कोसिया खाई, तम्पारा झील, हीराकुंड जलाशय (हीराकुंड बांध का) और अंसुपा झील शामिल हैं। मध्य प्रदेश में सिरपुर आद्रभूमि, साख्या सागर और यशवंत सागर, जम्मू-कश्मीर में हीगाम और शालबाग के आद्रभूमि संरक्षण रिजर्व, महाराष्ट्र में ठाणे क्रीक, गोवा में नंदा झील, मिजोरम में पाला आद्रभूमि और कर्नाटक में रंगानाथितु पक्षी अभयारण्य रामसर साइट की सूची में शामिल करने के लिए भेजे गए प्रस्ताव में हैं।

रामसर साइट ऐसी आद्रभूमि है जिसे रामसर सम्मेलन के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण घोषित किया जाता है। यह ईरान में 1971 में हुए रामसर सम्मेलन के तहत इन आद्रभूमि के संरक्षण और उसके संसाधनों के सदुपयोग पर सहयोग करता है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\