देश की खबरें | एआईएफएफ की वित्तीय स्थिति 2010 में बेहद नाजुक थी, एफएसडीएल सही समय पर आया : दास
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 20 जुलाई अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ (एआईएफएफ) के महासचिव कुशाल दास ने कहा कि जब वह 2010 में इस संस्था से जुड़े थे तो इसकी वित्तीय स्थिति बेहद नाजुक थी लेकिन अब उससे 100 प्रतिशत बेहतर हो गयी है और इसका श्रेय व्यावसायिक सहभागियों के सही समय पर किये गये हस्तक्षेप को जाता है।

दास ने कहा कि फुटबॉल खेल विकास लिमिटेड (एफएसडीएल) ने युवाओं से जुड़ी गतिविधियों और युवा लीग का ढांचा तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी।

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एआईएफएफ के अनुसार दास ने कहा, ‘‘ईमानदारी से कहूं तो अगर एफएसडीएल नहीं आता तो मैं नहीं जानता कि भारतीय फुटबॉल का क्या होता। (पिछले मार्केटिंग सहभागी) जी स्पोर्ट्स के बाद कोई भी इसमें दिलचस्पी नहीं दिखा रहा था। ऐसे में एआईएफएफ के पास अपनी गतिविधियों में कमी करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होता। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह भारतीय फुटबॉल के लिये वरदान है कि एसएसडीएल सही समय पर उससे जुड़ा। शीर्ष स्तर की फुटबाल प्रतियोगिताओं के मामले में अभी जिस तरह से चीजें आगे बढ़ रही हैं वे 2010-11 की तुलना में 100 प्रतिशत बेहतर हैं। ’’

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दास ने कहा कि 2010 में जब वह महासचिव बने तो उनकी प्राथमिकता महासंघ की वित्तीय स्थिति सुधारना थी।

उन्होंने कहा, ‘‘उस समय पहली प्राथमिकता वित्तीय स्थिति में सुधार करना था क्योंकि जी ने हटने का फैसला कर दिया था और हमारे पास नया मार्केटिंग सहभागी नहीं था। हमारे पास पैसा नहीं था। वित्तीय स्थिति बहुत गड़बड़ थी। ’’ दास ने कहा, ‘‘हम ऐसी स्थिति में थे कि जब एएफसी एशियाई कप के लिये राष्ट्रीय टीम पुर्तगाल और स्पेन में तैयारियां कर रही थी तब इन अभ्यास मैचों का आयोजन करने वाले लोगों की बहुत देनदारियां थी। ’’

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