देश की खबरें | नयी रैंकिंग प्रणाली के तहत अहमदाबाद सबसे स्वच्छ शहर; इंदौर 'सुपर स्वच्छ लीग' में पहुंचा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. सरकार के वार्षिक स्वच्छता सर्वेक्षण में, बड़े शहरों में अहमदाबाद को सबसे स्वच्छ शहर नामित किया गया, जिसके बाद भोपाल और लखनऊ का स्थान है। वहीं, स्वच्छता में असाधारण प्रदर्शन करने को लेकर इंदौर, सूरत, नवी मुंबई और विजयवाड़ा को नवगठित ‘सुपर स्वच्छ लीग सिटीज’ श्रेणी में जगह मिली है।
नयी दिल्ली, 17 जुलाई सरकार के वार्षिक स्वच्छता सर्वेक्षण में, बड़े शहरों में अहमदाबाद को सबसे स्वच्छ शहर नामित किया गया, जिसके बाद भोपाल और लखनऊ का स्थान है। वहीं, स्वच्छता में असाधारण प्रदर्शन करने को लेकर इंदौर, सूरत, नवी मुंबई और विजयवाड़ा को नवगठित ‘सुपर स्वच्छ लीग सिटीज’ श्रेणी में जगह मिली है।
स्वच्छ सर्वेक्षण के नतीजे बृहस्पतिवार को घोषित किये गए।
केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अनुसार, 4,500 से अधिक शहरों में बातचीत, स्वच्छता ऐप, माईजीओवी और सोशल मीडिया के माध्यम से 14 करोड़ लोगों ने सर्वेक्षण में भाग लिया।
इस वर्ष चार श्रेणियों में कुल 78 पुरस्कार प्रदान किए गए -- सुपर स्वच्छ लीग शहर; पांच जनसंख्या श्रेणियों में शीर्ष तीन स्वच्छ शहर; विशेष श्रेणी: गंगा शहर, छावनी बोर्ड, सफाई मित्र सुरक्षा, महाकुंभ; और राज्य स्तरीय पुरस्कार -- किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश का स्वच्छ शहर।
नयी श्रेणी 'सुपर स्वच्छ लीग' के अंतर्गत, तीन लाख से 10 लाख की आबादी वाली श्रेणी में नोएडा सबसे स्वच्छ शहर बनकर उभरा, जिसके बाद चंडीगढ़ और मैसुरु का स्थान है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यहां आयोजित एक कार्यक्रम में विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
'सुपर स्वच्छ लीग' शहर पुरस्कार श्रेणी के बारे में आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि इंदौर, सूरत और नवी मुंबई पिछले कुछ वर्षों में सबसे स्वच्छ शहरों की सूची में शीर्ष पर रहे हैं और स्वच्छता के क्षेत्र में नए मानदंड स्थापित किए हैं।
अधिकारी ने बताया कि नये शहरों को स्वच्छता की ओर बढ़ावा देने के लिए 'स्वच्छ शहर' श्रेणी भी शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि अहमदाबाद पहले स्थान पर है, उसके बाद भोपाल और लखनऊ का स्थान है।
मंत्रालय के अनुसार, 3,000 से अधिक मूल्यांकनकर्ताओं ने 45 दिनों में देश भर के हर वार्ड में गहन निरीक्षण किया।
इस वर्ष, पुरस्कार न केवल शीर्ष स्वच्छ शहर के लिए है, बल्कि प्रगति प्रदर्शित करने वाले छोटे शहरों को भी मान्यता देते हैं और प्रोत्साहित करते हैं।
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