देश की खबरें | कृषि विधेयक : हरियाणा कांग्रेस ने महीने भर के विरोध कार्यक्रमों की घोषणा की

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एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

चंडीगढ़, 26 सितंबर कांग्रेस की हरियाणा इकाई ने केंद्र द्वारा हाल में पारित कराए गए कृषि संबंधी विधेयकों को ‘काला कानून’ बताते हुए शनिवार को विधेयकों के खिलाफ महीने भर के विरोध प्रदर्शन कार्यक्रमों की घोषणा की ।

पार्टी के हरियाणा मामलों के प्रभारी विवेक बंसल, हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी शैलजा, पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा, एआईसीसी महासचिव रणदीप सुरजेवाला और सचिव आशीष दुआ ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में 28 सितंबर से 31 अक्टूबर तक विरोध कार्यक्रमों की घोषणा की ।

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पार्टी ने केंद्र सरकार के ‘‘तीन काले कानूनों’’ के खिलाफ राज्यव्यापी प्रदर्शन की घोषणा करते हुए कहा कि इन कानूनों से किसान, आढ़ती और श्रमिक बर्बाद हो जाएंगे ।

कुमारी शैलजा के नेतृत्व में 28 सितंबर को पार्टी कार्यालय से हरियाणा राजभवन तक पैदल मार्च का आयोजन होगा । इन कानूनों को निरस्त करने के लिए राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन राज्यपाल को सौंपा जाएगा।

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पार्टी के कायर्कर्ता दो अक्टूबर को हरेक विधानसभा और जिला मुख्यालयों में ‘किसान और मजदूर बचाओ’ कार्यक्रम का आयोजन करेंगे।

इसके बाद 10 अक्टूबर को राज्य स्तर पर किसानों की कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। पार्टी दो अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक हस्ताक्षर भी अभियान चलाएगी।

शैलजा ने आरोप लगाया कि कि भाजपा सरकार ने इन ‘‘काले कानूनों’’ के जरिए किसानों, मजदूरों और आढ़तियों पर ‘‘निर्मम हमला’’ किया है ।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसानों की आय दोगुणा करने में पूरी तरह नाकाम रही है।

हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि भाजपा सरकार को एक और कानून लाकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसानों को हर परिस्थिति में उनकी उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलेगा।

सुरजेवाला ने कहा कि नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने कृषि बाजार व्यवस्था को और समग्र तथा मजबूत बनाने की पैरवी की थी लेकिन अब वह मंडियों को खत्म करने के लिए कानून बना रहे हैं ।

उन्होंने कहा कि केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार अपनी गलत नीतियों के जरिए दुकानदारों और मजदूरों को ‘‘तबाह’’ कर रही है ।

उन्होंने कहा कि देश में 15 करोड़ से ज्यादा किसान हैं और जब भाजपा सरकार 42,000 किसानों से कृषि उत्पाद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने में असमर्थ है तो वह देश के सभी किसानों को किस तरह न्यूनतम समर्थन मूल्य दे पाएगी।

बहरहाल, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि राज्य सरकार के लिए किसानों का हित ‘‘सर्वोच्च’’ है ।

उन्होंने गुरुग्राम में मीडिया से कहा, ‘‘अब किसानों के नाम पर राजनीति नहीं हो पाएगी क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुना करने का लक्ष्य रखा है और इस दिशा में कई कार्यक्रम और योजनाएं चलायी जा रही है । ’’

उन्होंने कहा कि संसद द्वारा पारित विधेयकों से किसानों की आमदनी दोगुना करने में बहुत उपयोगी होगा।

विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए खट्टर ने कहा कि विपक्षी दल कृषि विधेयकों पर किसानों के बीच भ्रम भैला रहे हैं, यह ठीक नहीं है ।

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