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जरुरी जानकारी | कृषि अभियान संपन्न हुआ, पर किसानों से संवाद जारी रहेगा : चौहान

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बृहस्पतिवार को गुजरात के बारडोली में किसान सम्मेलन में 15 दिवसीय 'विकसित कृषि संकल्प अभियान' का समापन किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अभियान समाप्त होने के बावजूद किसानों के साथ सरकार का संवाद निरंतर जारी रहेगा।

जरुरी जानकारी | कृषि अभियान संपन्न हुआ, पर किसानों से संवाद जारी रहेगा : चौहान

नयी दिल्ली, 12 जून केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बृहस्पतिवार को गुजरात के बारडोली में किसान सम्मेलन में 15 दिवसीय 'विकसित कृषि संकल्प अभियान' का समापन किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अभियान समाप्त होने के बावजूद किसानों के साथ सरकार का संवाद निरंतर जारी रहेगा।

वर्ष 1928 में ब्रिटिश कर नीतियों के खिलाफ सरदार वल्लभभाई पटेल के बारदोली सत्याग्रह स्थल पर अपने संबोधन में चौहान ने किसानों के कल्याण के लिए अतीत और वर्तमान के संघर्षों के बीच समानताएं बताईं।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं सरदार वल्लभभाई पटेल की इस कर्मभूमि पर आकर खुद को सौभाग्यशाली महसूस कर रहा हूं। इस दिन, 12 जून, 1928 को सरदार वल्लभभाई पटेल ने बारदोली सत्याग्रह के लिए एक बैठक की थी।’’

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'लैब टू लैंड' विजन को लागू करने के लिए बनाए गए इस अभियान में 16,000 वैज्ञानिकों की 2,170 टीमें लगाई गईं, जिन्होंने देश भर में गांव-गांव जाकर शोध आधारित जानकारी उपलब्ध कराई। ये टीमें किसानों से सीधे जुड़ीं और स्थानीय जलवायु परिस्थितियों और क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप शोध आधारित जानकारी उपलब्ध कराई।

अभियान की व्यापक पहुंच पर प्रकाश डालते हुए चौहान ने कहा, ‘‘इस अभियान के तहत करीब एक करोड़ 12 लाख किसानों से संवाद किया गया है और एक लाख से अधिक गांवों तक पहुंच सुनिश्चित की गई है।’’

पखवाड़े भर चलने वाली इस पहल के दौरान 55,000 से अधिक स्थानों पर संवाद आयोजित किए गए।

एक सरकारी बयान में कहा गया कि कृषि मंत्री ने गुजरात के कृषि प्रदर्शन की प्रशंसा की और विशिष्ट फसलों में राज्य के नेतृत्व का उल्लेख किया। गुजरात देश का 77 प्रतिशत अरंडी, 44.5 प्रतिशत मूंगफली, 24 प्रतिशत कपास और 15 प्रतिशत चना पैदा करता है। राज्य अरंडी, जीरा, सौंफ और खजूर के उत्पादन में भी पहले स्थान पर है।

चौहान ने कृषि सुधार के लिए छह प्रमुख सूत्र बताए- उत्पादन बढ़ाना, उत्पादन लागत कम करना, किसानों को उचित मूल्य सुनिश्चित करना, नुकसान की भरपाई करना, कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देना और भावी पीढ़ियों के लिए मिट्टी की उर्वरता बनाए रखना।

मंत्री ने इस वर्ष 7.5 लाख हेक्टेयर में प्राकृतिक खेती के लिए एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य की घोषणा की, जिसमें 18 लाख किसान पहले ही भाग लेने की इच्छा व्यक्त कर चुके हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘कई किसानों ने प्राकृतिक खेती के बारे में अपने अनुभव मेरे साथ साझा किए। किसानों से यह सुनकर खुशी हुई कि प्राकृतिक खेती से लागत कम होती है और उत्पादन भी प्रभावित नहीं होता है और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद प्राप्त होते हैं।’’

29 मई को ओडिशा में शुरू हुए इस अभियान में चौहान ने ओडिशा, जम्मू, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार, महाराष्ट्र, पंजाब, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, दिल्ली और गुजरात सहित 13 राज्यों का दौरा किया। पूरे दौरे के दौरान उन्होंने किसान चौपालों, सम्मेलनों और पदयात्राओं के माध्यम से किसानों से संपर्क किया।

महज सूचना प्रसार से परे अभियान के प्रभाव पर जोर देते हुए चौहान ने उन किसानों से मुलाकात का उल्लेख किया जिन्होंने अभिनव व्यवहार और सरकारी योजनाओं के माध्यम से अपनी आय 10 गुना बढ़ाई है। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे किसान वास्तव में वैज्ञानिक हैं, जिनसे हमें मार्गदर्शन भी मिलेगा।’’ उन्होंने कहा कि इन अनुभवों से भविष्य की कृषि नीतियों को बनाने में मदद मिलेगी।

समापन समारोह में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल, राज्य के कृषि मंत्री राघवजीभाई पटेल और अन्य अधिकारी शामिल हुए, जबकि 2,170 वैज्ञानिक टीमों ने इसमें वर्चुअल तरीके से भाग लिया।

मंत्री ने 'एक राष्ट्र-एक कृषि-एक टीम' के आदर्श वाक्य के साथ सरकार की प्रतिबद्धता की भी पुष्टि की, औपचारिक अभियान अवधि से परे कृषक समुदाय के लिए निरंतर संवाद और समर्थन का वादा किया।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 12, 2025 07:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).